पानी कम होती ही दिख रहा तबाही का मंजर देखने को मिला ये सब बारिश थमने और नदी नालों का पानी कम होते ही

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18 /अगस्त/2022

लगातार शनिवार से मंगलवार तक हुई बारिश के थमने के बाद गांव-गांव में तबाही का मंजर सामने आने लगा है। रुक-रुक कर हुई बारिश से गरीब व कमजोर वर्ग के लोगों के सामने मुसीबत आ गई है। बारिश थमॉने के बाद इलाके के हर गांव से मिट्टी के कच्चे मकान गिर गए व क्षतिग्रस्त हुए हैं। नदी नालों में उफान व भारी बारिश से हर स्थान से फसल को भारी नुकासान होने की खबरें भी आ रही है।

शनिवार सुबह पांच बजे से नगर सहित पूरे क्षेत्र में शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह तक जारी रही। भारी बारिश से किसानों के सामने पनिया अकाल की नौबत आ गई है। जबकि कच्चे व मिट्टी के मकानों में निवास में रहने वाले लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई है।

प्रभावित ग्रामीण जहां शासन से आर्थिक सहयोग व राहत राशि प्राप्त करने के लिए पटवारियों व राजस्व अधिकारियों का चक्कर लगा रहे हैं। वहीं लोगों ने शासन से मदद के लिए संसदीय सचिव स्थानीय विधायक इन्द्रशाह मंडावी, खुज्जी विधायक छन्नी चंदू साहू से संपर्क बनाना शुरू कर दिए हैं।

मुआवजे के लिए एक ही दिन में आए 100 आवेदन
शनिवार से बंद शासकीय कार्यालय मंगलवार को शुरू हुआ। कार्यालय खुलते व बारिश थमते ही एक दिन में मुआवजा के लिए पटवारियों के पास सैकड़ों आवेदन पहुंच गए हैं। जबकि ब्लाॅक मुख्यालय में राजस्व अधिकारी तहसीलदार प्रीति लारोकर ने माना कि मंगलवार को ही उनके पास बारिश से प्रभावित लगभग सौ आवेदन मिल गए हैं। तहसीलदार ने बताया कि तहसील के सभी हल्का में पदस्थ पटवारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों का सर्वे करने व सर्वे रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। जिससे प्रभावितों को शासन के गाइड लाइन के तहत मुआवजा दिलाया जा सके।

भड़सेना में भी मकान ढहे
ग्राम भड़सेना में तीन दिन हुई भारी बारिश से दर्जन भर मिट्टी के कच्चे मकान के ढहने की सूचना है। सरपंच मोहन लाल ध्रुवे व कांग्रेस नेता दुलार विश्वकर्मा ने बताया कि भारी बारिश से उनके गांव कई गरीबों के मकान गिर गए तो काफी लोगों के मकान बारिश से क्षतिग्रस्त हो गया हैं। भड़सेना में निरंतर बारिश से झरन सिंह, दुलार विश्वकर्मा, महेश करवाडे, मुकिन्दराम, जेठूराम, बिष्णु दखने, कुमिन्दलाल, पन्नालाल, तातूराम , बंसत नेताम, परसराम, राजाराम आदि के मकान ढह व क्षतिग्रसत हो गए हैं।

इन गांवों के लोग प्रभावित
शिवनाथ सहित क्षेत्र के तमाम नदी नालों के रौद्र रूप से खेती व सब्जी भाजी का फसल लेने वाले किसानों की फसलें व सब्जी भाजी तबाह हो गई है। ब्लाक मुख्यालय में शिवनाथ में आई बाढ़ से नगर के ही किसानों की फसलें बर्बाद हो गई है। जबकि हाथीकन्हार, भड़सेना, झिटिया, खड़खड़ी, खुर्सीटिकुल, घोरदा, बिहरीकला, पांगरी, डोंगाघाट, नीचेकोहडा, देववाडवी, पटेली, मरारटोला, साल्हे जलहल, पेदलकुही, कुसुमकसा, रंगकठेरा, सांगली, केसला, सिरमुंदा, बोईरडीह, ब्राम्हणभेडी, थुहाडबरी सहित अन्य ग्रामों में बाढ़ का असर पड़ा है।