अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष,स्वस्थ शरीर के लिए सदाबहार क्रिया है योग, यह सभी के लिए लाभदायक

त्वरित खबरें/- रिर्पोटिंग निशा बिस्वास छत्तीसगढ़ मार्केटिंग हेड
इस वर्ष ‘मानवता के लिए योग’ थीम पर मनाया जाएगा योग दिवस

दुर्ग, 20 जून 2022.

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग एक ऐसी सदाबहार क्रिया है, जो हर मौसम में लगभग प्रत्येक आयुवर्ग के लोगों के लिए लाभदायक है। योग करने के लिए कोई एक अनुकूल मौसम तय नहीं है और संभवतः यही कारण है कि योग क्रिया अब तेजी से हर घर का हिस्सा बनती जा रही है। आयुष मंत्रालय ने इस वर्ष भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए व्यापक तैयारी की है। 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घायु बनाता है। पहली बार यह दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। इस वर्ष 21 जून को भारत तथा संपूर्ण विश्व में आयोजित होने वाले आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए “मानवता के लिए योग” विषय (थीम) का चयन किया गया है। साथ ही आय़ुष मंत्रालय के द्वारा इस बात पर जोर दिया गया है कि योग करने के ढेरों फायदे हैं। योग करने से हमारा शरीर सेहतमंद तो रहता ही है साथ में यह कई सारी बीमारियों से भी लड़ने में हमारी मदद करता है। योग क्रिया के लाभार्थी भी बताते हैं कि योग करने से मन शांत रहता है। मन-मष्तिष्क की तंदरुस्ती के लिए योग या व्यायाम बेहद फायदेमंद है। इससे रोग तो दूर भागते ही हैं, शरीर का वजन भी नियंत्रित होता है। साथ ही मधुमेह का स्तर नियंत्रित करने में भी योग काफी मददगार है। बोरसी निवासी लभार्थी दिलीप शर्मा (परिवर्तित नाम) ने बतायाः “लगभग चार साल पहले मुझे हार्ट अटैक आया था। उपचार के पश्चात स्वास्थ्य में सुधार होने पर डॉक्टरों ने मुझे दिनचर्या में सुधार के साथ ही नियमित योग-व्यायाम करने की भी सलाह दी थी। योग क्रिया शुरू करने से पहले मेरे शरीर का वजन लगभग 95 किलोग्राम था लेकिन अब वजन लगभग 85 किलोग्राम है।” दिलीप आगे बताते हैः “योग मेरे स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित हुआ है जिससे प्रेरित होकर घर-परिवार के अन्य सदस्यों ने भा अब योग को अपनी नियमित में शामिल कर लिया है। हम सभी हर सुबह और शाम निर्धरित समय पर योग करते हैं।”

पंचशील नगर निवासी लाभार्थी 52 वर्षीय संजय (परिवर्तित नाम) ने बतायाः “मैं मधुमेह पीड़ित हूं। मेरे शरीर में मधुमेह का स्तर कई बार 380 के आसपास पहुंच जाता था लेकिन चिकित्सकीय उपचार व योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के बाद स्वास्थ्य में अब काफी सुधार है तथा वजन भी नियंत्रित है। स्वस्थ शरीर के लिए योगाभ्यास ही अब मेरी पहली प्राथमिकता में है।”

यह है योगः

योग भारत की 5,000 वर्ष प्राचीन परंपरा है जो शरीर तथा मन की समरसता को प्राप्त करने के लिए शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों को जोड़ती है।‘योग’ शब्द संस्कृत से लिया गया है एवं इसका अर्थ- शरीर तथा चेतना का जुड़ना या एकीकृत होना है। वर्तमान समय में संपूर्ण विश्व में विभिन्न रूपों में इसका अभ्यास किया जाता है तथा इसकी लोकप्रियता में वृद्धि जारी है।


योग से तनाव दूर होता है:

 योग से मांसपेशियों का अच्छा व्यायाम होता है। चिकित्सा शोधों के अनुसार, योग से तनाव दूर होता है और अच्छी नींद आती है। भूख बढ़ती है तथा पाचन भी सही रहता है।


तन और मन का व्‍यायाम: 

अगर आप जिम जाते हैं तो यह आपके शरीर को तो तंदुरुस्त रखेगा, लेकिन मन को नहीं। वहीं योग का सहारा लेने से तन के साथ ही मन और मष्तिष्‍क भी तंदुरुस्त रहता है।


 दूर भागेंगे रोग: 

योगाभ्यास से रोगों से भी छुटकारा पाया जा सकता है। योग से रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है तथा योग से शरीर स्वस्थ और निरोग बनता है।


वजन नियंत्रण में मददगार है योग: 

योग मांसपेशियों को पुष्ट करता है और शरीर को तंदुरुस्त बनाता है, वहीं योग से शरीर से फैट को भी कम किया जा सकता है।


ब्लड शुगर का स्तर होता है नियंत्रितः

योग से ब्लड शुगर के स्तर को भी नियंत्रित किया जा सकता है। योग बढ़े हुए ब्लड शुगर के स्तर को घटाता है। डायबिटीज रोगियों के लिए योग बेहद फायदेमंद है। योग बैड कोलेस्ट्रोल को भी कम करता है।

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