रायपुर नगर निगम आयुक्त साबित मिश्रा के अनुसार, नए प्रावधानों के तहत कचरे को शुष्क, आर्द्र, स्वच्छता अपशिष्ट और भारी धातु अपशिष्ट की श्रेणियों में अलग-अलग किया जाएगा। इससे कचरे के संग्रहण, प्रसंस्करण और निपटारे की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने पर जोर रहेगा।
बल्क वेस्ट जनरेटर की बढ़ेगी जिम्मेदारी
नए नियमों के तहत बड़े पैमाने पर कचरा पैदा करने वाले व्यवसायिक संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की तैयारी है। इससे कचरा संग्रहण से लेकर उसके निपटारे तक की ऑनलाइन ट्रैकिंग और निगरानी की जा सकेगी।
नियमों के उल्लंघन पर पर्यावरणीय भुगतान
नए प्रावधानों में ‘प्रदूषण भुगतान सिद्धांत’ (Polluter Pays Principle) के आधार पर कार्रवाई का प्रावधान है। निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले व्यक्ति या संस्थान पर पर्यावरणीय भुगतान लगाया जा सकता है।
चार समूहों में बांटा जाएगा रायपुर
नगर निगम के अनुसार, नए सिस्टम के तहत रायपुर शहर को चार समूहों में विभाजित किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था और प्रदर्शन की निगरानी होगी। प्रदर्शन के आधार पर भुगतान की व्यवस्था प्रस्तावित है। पूरे सिस्टम की निगरानी केंद्रीय नियंत्रण केंद्र के माध्यम से की जाएगी।
जागरूकता अभियान चलाएगा निगम
नए नियमों को लेकर नगर निगम शहरवासियों और व्यवसायिक संस्थानों के बीच जागरूकता अभियान चलाएगा। लोगों को चार श्रेणियों में कचरा अलग करने और डस्टबिन के सही इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा ‘प्रगति 50’ योजना के तहत छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर समेत देश के 50 शहरों को शामिल किया गया है। योजना का उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित, डिजिटल और निगरानी आधारित बनाना है।