उत्तराखंड में जहां अच्छी सड़क, वहां हादसे ज्यादा; 5 साल में 7000 हादसों में 5000 मौतें

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उत्तराखंड में रविवार को चार धाम यात्रा के श्रद्धालुओं को लेकर जा रही बस खाई में गिर गई। इसी के साथ हादसों के लिए बदनाम उत्तराखंड फिर सुर्खियों में आ गया। आंकड़े बताते हैं कि पिछले पांच साल में 7,000 वाहन दुर्घटनाओं में लगभग 5,000 लोग जान गंवा चुके हैं। इतने ही लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इस साल की शुरुआत में ही राज्य में 500 सड़क दुर्घटनों में 300 लोगों की जान गई।

आंकड़ा इसलिए भी भयावाह है, क्योंकि जनसंख्या के लिहाज से हादसों और उसमें होने वाली मौतें देश में सबसे ज्यादा हैं। इस हिमालयी राज्य में आपदा से भी ज्यादा मौतें सड़क दुर्घटनाओं से हुई हैं। एक और चौंकाने वाली बात ये हे कि अच्छी सड़कों पर हादसे कम होते हैं, लेकिन उत्तराखंड में स्थिति उलट है। वहां हादसे ज्यादा हो रहे है, जहां सड़क अच्छी है। ऑल वेदर रोड बनने के बाद सड़कें काफी चौड़ी हो गई हैं।

इससे ड्राइवर ओवर स्पीड से जा रहे हैं। मोड़ पर वाहन अनियंत्रित हो रहे हैं। मध्य प्रदेश के यात्रियों की बस भी यमुनोत्री में ओवर स्पीड के कारण खाई में गिरी। जांच में सामने आया कि ज्यादा फेरे लगाने के चक्कर में ड्राइवर सिर्फ 7 से 10 दिन में यात्रा पूरी कर रहे हैं। पहले इसमें 15 दिन लगते थे।

तीर्थयात्रियों को ले जा रही ये बस 400 फीट नीचे खाई में गिरी थी। बस की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यात्रियों की कितनी दर्दनाक मौत हुई होगी।

जांच में ड्राइवर की गलती आ रही सामने
यमुनोत्री हाइवे में डामटा के पास हुई मप्र के तीर्थयात्रियों की बस हादसे की जांच में ड्राइवर की लापरवाही सामने आ रही है। घायलों में ड्राइवर हीरा सिंह भी है। खाई में गिरने से पहले ही उसने बस से छलांग लगा दी थी। उसने पुलिस को बताया कि बस का स्टीयरिंग लॉक हो गया था।

अब जांच में सामने आ रहा है कि जहां बस गिरी, वहां पर सड़क बहुत चौड़ी थी। स्टीयरिंग लॉक भी हो जाता तो बस को रोका जा सकता था। बस की स्पीड तय सीमा से बहुत ज्यादा थी, इसलिए बस नहीं रोक सका।

ड्राइवरों के लिए ये सीजन का टाइम
ट्रैवल बिजनेस के लिए चार धाम तीर्थयात्रा का समय सीजन का होता है। इसी समय ड्राइवरों की पूछ परख भी सबसे ज्यादा होती है। ज्यादातर ट्रैवल एजेंसियों के ड्राइवर भी लगातार काम कर रहे होते हैं। बीते महीने भर में ही यहां 16.11 लाख तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं।