गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके में 200 से ज्यादा रेहड़ी-ठेली लगाने वाले दुकानदारों को नगर निगम ने वहां से हटा दिया है।
निगम अफसरों का कहना है कि उनके पास शासन से पथ विक्रेताओं को सड़क किनारे से हटाने का आदेश आया है, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के खिलाफ पथ विक्रेताओं ने सोमवार को नगर निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी ने भी प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन दिया। पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष चेतन त्यागी के अनुसार, नंदग्राम में पानी की टंकी के पास 200 से ज्यादा रेहड़ी वाले करीब 25-30 साल से सड़क किनारे रेहड़ी-ठेली लगाकर सामान बेच रहे हैं। इन्हें प्रधानमंत्री की योजना के तहत ऋण भी मिला है और नगर निगम से 2025 तक का लाइसेंस भी प्राप्त है। इसके बावजूद निगम ने इन सभी विक्रेताओं को वहां से हटा दिया है। चेतन त्यागी ने कहा कि कई सौ परिवार इस तरह के छोटे-मोटे धंधों पर आश्रित हैं। अब उनके समर्थक आर्थिक संकट गहरा गया है। आम आदमी पार्टी की स्पोकपर्सन छवि यादव ने कहा कि अब निगम के अफसर इस बारे में कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। जिन विक्रेताओं ने लोन लिया है, वह सरकार का लोन कैसे चुकाएंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि रोजगार को छीनने से पहले इन लोगों के लिए वैकल्पिक प्रबंध किया जाए।