5 से 8 साल तक के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देने जिले के 97 स्कूलों में खोली जाएंगी बालवाड़ी

त्वरित ख़बरें/बदलेगा शिक्षा का स्वरूप:

नवीन शैक्षणिक सत्र 2022-23 में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के साथ ही जिले में 15 जून से शिक्षा का स्वरूप भी बदल जाएगा। 5 से 8 साल तक के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देने के उद्देश्य से पहले चरण में जिले के पांचों ब्लॉक में 97 बालवाड़ी खोलने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक ने जिला मिशन समन्वयक को आदेश पत्र जारी किया है। पहले से संचालित प्राथमिक शाला को ही बालवाड़ी का रूप दिया जाएगा। इसके लिए अलग कमरे की व्यवस्था रहेगी। जहां प्ले स्कूल की तर्ज पर बच्चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा दी जाएगी।

बालवाड़ी खोलने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शुरू से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना है। फिलहाल इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से 5 से 8 साल तक के 410 बालक और 405 बालिका, कुल 815 बच्चों को चिह्नांकित किया गया है। जिन 97 स्कूलों में बालवाड़ी खोलने का निर्णय लिया गया है, उसकी सूची जिला से राज्य शिक्षा विभाग, शासन स्तर भेजी जा चुकी है। जिसके बाद राज्य स्तरीय पर गठित टीम के सदस्य निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं। इसके अलावा पालकों से फीडबैक लिया जा रहा है। साथ ही जहां बालवाड़ी खुलना प्रस्तावित है, वहां शिक्षकों, पालकों की बैठक हो रही है।

जानिए, पहले चरण में ब्लॉकवार कहां बालवाड़ी खुलेगी
बालोद- 22 स्कूल: चिरईगोड़ी, सोहतरा, जमरुवा, मेड़की, वार्ड 13 बालोद, चारवही, देवारभाट, तालगांव, मुल्ले, गोड़पाल, डेंगरापार, चरोटा, औराभाठा, करकाभाट, पर्रेगुड़ा, लिमोरा,नागाडबरी, लोंडी, खैरवही, रामनगर, रानीतराई, मनौद।

डौंडी- 20 स्कूल: पुत्तरवाही, आमाडुला गोटीपारा, धनवापारा, भोलईपारा, बिटाल, भीमाटोला, कटरेल, पेटेचुवा, जमही, आड़ेझर, शिकारीटोला, कोपेडेरा, कंजेली, कामता, जुनवानी, कोकान,दारूटोला, मगरदाह,जबकसा, मरदेल।

डौंडीलोहारा- 21 स्कूल: चिल्हाटीखुर्द, रूपुटोला, मुड़खुसरा, धनगांव, जोगीभाट, उरेटा, गंधरी, तेलीटोला, भालुकोन्हा, मुड़पार, देवरीबंगला, आसरा, आतरगांव, गुरामी, गणेशखपरी, मनकी, डुमरघुचा, अन्नूटोला, कठिया, भरदा, सिर्राभाठा।

गुंडरदेही- 20 स्कूल: बुढानपुर, लासाटोला, सिकोला, मचौद, मड़ियापार, सतमरा, सिर्राभाठा, पिनकापार, भोथीपार, झीका, चंदनबिरही, चिचलगोंदी, देवरी द, गोड़ेला, फुलझर, जुनवानी, भंडेरा, मुंदेरा, कुथरेल, बोदल।

गुरूर- 14 स्कूल: पड़कीभाट, खेरथा, दुग्गाबाहरा, नगझर, तितुरगहन, गंगोरीपार, भर्रीपारा पलारी, भूलनडबरी, दानीटोला, पलारी, घासीदास पारा पेंडरवानी, कंकालिन, कर्रेझर, साल्हेभाट।

97 स्कूलों का चयन इसलिए किए: प्राथमिक शाला के बगल परिसर में ही आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रही है। जहां 5 साल से कम उम्र के न्यूनतम 10 बच्चे हैं। आंगनबाड़ी के कार्यकर्ता व शिक्षक एक-दूसरे से समन्वय स्थापित कर शैक्षणिक गतिविधियां करवा सकेंगे। इसलिए 97 स्कूलों का चयन किया गया है।

बालवाड़ी खुलने के मायने आप ऐसे समझें

स्कूलों में
क्या बदलाव होगा- 5 से 8 साल तक बच्चे जो सरकारी व निजी स्कूल में कक्षा पहली व दूसरी, केजी 1 व 2 में पढ़ाई करते आ रहे हैं, उन्हें अब बालवाड़ी में शिक्षा दी जाएगी। बालवाड़ी पूर्व प्राथमिक शाला कहलाएगा। खेल-खेल में इच्छानुरूप पढ़ाना, लिखाना सहित अन्य शैक्षणिक गतिविधियां होगी। इसके लिए अधिकतम 2 घंटे का समय निर्धारित रहेगा।

क्या नहीं बदलेगा- कक्षा तीसरी से पांचवी तक के बच्चों की क्लास पहले की तरह प्राथमिक शाला में ही लगेगी। पहले की तरह आगे भी सुबह 10 से 4 बजे तक बच्चे व शिक्षक स्कूल आएंगे।

आंगनबाड़ी में
में क्या बदलाव होगा- ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे जो 5 साल से ज्यादा उम्र के हो चुके है, उन्हें आंगनबाड़ी के बजाय बालवाड़ी में भेजा जाएगा। 3 से 5 साल से कम उम्र के बच्चों को आंगनबाड़ी में अनौपचारिक शिक्षा दी जाएगी। पहले पालक 5 व 6 के बीच उम्र वाले बच्चे को आंगनबाड़ी भेजते थे।

क्या नहीं बदलेगा- 3 से 4 साल तक के बच्चे पहले की तरह आंगनबाड़ी केंद्र में ही अनौपचारिक शिक्षा ग्रहण करेंगे, जैसा करते आ रहे हैं। पहले से संचालित सभी गतिविधियां होती रहेगी। नई शिक्षा नीति के तहत इसमें कोई भी वदलाव नहीं किया जाएगा।

20 मई के पहले दिया जाएगा प्रशिक्षण: डीईओ
बालवाड़ी के लिए चयनित प्राथमिक शाला के एक शिक्षक और आंगनबाड़ी के एक कार्यकर्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग के सुपरवाइजर को 5 दिन तक 20 मई के पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि सभी नई राष्ट्रीय नीति को समझकर इसी अनुरूप काम कर सकें। डीईओ प्रवास बघेल, समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयक अनुराग त्रिवेदी ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत जहां-जहां बालवाड़ी खुल रही है, वहां के एक शिक्षक, एक प्रधानपाठक, सीएससी को 15 घंटे का ऑनलाइन कोर्स करना है। रोजाना एक घंटे शामिल होंगे। जिसमें बालवाड़ी गतिविधि से संबंधित जानकारी दी जाएगी। जिले में 15 जून से बालवाड़ी और 16 जून से सभी स्कूल खुलेंगे।