अमेठी 26 अप्रैल
अमेठी की दरोगा रश्मि यादव के सुसाइड केस में मोबाइल रिकॉर्डिंग से बड़ा खुलासा हुआ है। रश्मि के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अलीगढ़ से लेक्चरर को गिरफ्तार किया है। रश्मि के पिता मुन्ना लाल के मुताबिक, दरोगा बनने से पहले रश्मि का बहराइच के लेक्चरर से जान पहचान हो गई थी।
बाद में लेक्चरर सुरेंद्र रश्मि को परेशान करने लगा। इसके चलते रश्मि का पति से तलाक हो गया था। इसके बाद भी सुरेंद्र ने पीछा नहीं छोड़ा। तंग आकर रश्मि ने सुसाइड कर लिया।
दरोगा बनने से पहले शिक्षिका थी रश्मि
एसआई रश्मि यादव के पिता मुन्ना लाल यादव के मुताबिक, दाह संस्कार कर घर लौटने के बाद उन्होंने बेटी की मोबाइल रिकॉर्डिंग चेक की तो वे हैरान रह गए। रिकॉर्डिंग सुनकर उन्हें यकीन हो गया कि सुरेंद्र सिंह के परेशान करने के कारण रश्मि ने आत्महत्या की है।
उन्होंने बताया कि रश्मि पहले बहराइच में प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका थी। वहां उसकी पहचान डायट लेक्चरर सुरेंद्र सिंह उर्फ रिशु पुत्र किरोरी से हो गई। सुरेंद्र अलीगढ़ का रहने वाला है। उनके संबंधों की वजह से रश्मि का पति राजेश से तलाक हो गया। सुरेंद्र सिंह आए दिन रश्मि को फोन कर तरह-तरह के लांक्षन लगाता रहता था। साथ ही अपमान जनक बातें भी कहता था। रश्मि इसको नजर अंदाज करती रही। लेकिन जब पानी सिर से ऊपर चला गया तो उसने सुसाइड कर लिया।
शीशे पर लिखी थी अंतिम बात
पिता ने बताया कि अपमान जनक शब्दों से आहत होकर रश्मि ने कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। सुसाइड से पहले रश्मि ने अपने कमरे में रखे शीशे पर उन शब्दों को लिखा था, जिससे वह परेशान थी।
21 अप्रैल को किया था सुसाइड
एसआई रश्मि यादव 2017 बैच की उपनिरीक्षक थीं। वह मूलतः लखनऊ की रहने वाली थीं। 21 अप्रैल की दोपहर सीओ तिलोई के साथ मीटिंग की। मीटिंग के बाद रश्मि ने थाने के मुंशी से कहा कि 4 बजे एडिशनल एसपी के साथ मीटिंग है। वह कमरे पर जा रही हैं। मीटिंग के लिए उनको बुला लेना। इसके बाद फोन पर बात करते हुए निकल गईं।
पुलिस ने दरवाजा तोड़कर निकाला था शव
मुंशी करीब साढ़े तीन बजे रश्मि को बुलाने गया, तो कमरे का दरवाजा नहीं खुला। फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। उसने मामले की सूचना प्रभारी निरीक्षक व अन्य स्टाफ को दी। मौके पर पहुंची पुलिस कमरे का दरवाजा तोड़ अंदर गई, तो महिला दरोगा का शव दुपट्टा के सहारे लटकता मिला। थानाध्यक्ष मोहनगंज मय दल-बल के मौके पहुंचे। एसआई रश्मि यादव को नीचे उतार कर अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने रश्मि यादव को मृत घोषित कर दिया।
पहले पिता बोले थे- मर्डर हुआ है
दरोगा के पिता मुन्ना लाल यादव ने पहले बताया था कि रश्मि डिप्रेशन में थीं। दो-तीन दिन पहले उसने कहा था कि उसका ट्रांसफर कर दिया जाए तो ठीक है। कल ट्रांसफर हुआ तो बहुत खुश थी। आज उसने मुझे कोई फोन नहीं किया। लेकिन मुझे लगता है, बेटी का मर्डर किया गया
2018 में जिले में हुई थी तैनात
बता दें, 2017 बैच की दरोगा रश्मि यादव 2018 में जिले में तैनात हुई थीं। वह गौरीगंज कोतवाली में लगभग दो साल तक रहीं। कस्बे की इंचार्ज रहने के साथ ही मिशन शक्ति अभियान शुरू होने के बाद उन्होंने महिला हेल्प डेस्क प्रभारी की जिम्मेदारी निभाई थी। कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन के नियमों का पालन कराने को लेकर वह चर्चा में आई थीं। मार्च 2021 से वह मोहनगंज कोतवाली परिसर में स्थापित रिपोर्टिंग महिला पुलिस चौकी प्रभारी के रूप में महिलाओं की शिकायतें व समस्यायें सुना करती थीं।