शासकीय घास जमीन पर अवैध कब्ज़ा,शिकायत के बाद भी अधिकारी को सुध नही ,प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के समक्ष शिकायत लेकर जाने को मजबूर

त्वरित ख़बरें - कलेक्टर महोदय तक को इसकी शिकायत किये हुए है लेकिन कलेक्टर ने भी किसी भी तरह की कार्यवाही नही की है |

डोंगरगाँव /राजनांदगांव / त्वरित ख़बरें / तामेश दास रिपोर्टिंग – मामला राजनांदगांव केजनपद पंचायत डोंगरगाँव के ग्राम भटगुना का है | जहाँ गाँव में रहने वालो की जनसंख्या हजार परिवार से भी अधिक है जिसमे हिन्दू मुस्लिम धर्म के लोग निवासरत है| ग्राम पंचायत में ग्रामसभा आयोजित होने पर गाँव वालो की सहमती से गाँव में निवास कर रहे 10 से 12 मुस्लिम परिवार (मजीत खान,फरीद खान एवं अन्य) वालो के लिए 0.43 एकड़ शासकीय भूमि को कब्रिस्तान के लिए आबंटित किया गया था कुछ समय पश्चात् बाद से यह मुस्लिम परिवारों  ने अपनी मर्जी का चलाते हुए गाँव के लगभग 1.50 एकड़ जमीन को अपने कब्जे में ले रखा है अब गाँव में पशुओ को चराने के लिए भी जमीन नही बची जिन गाँव वालो ने मुस्लिम परिवार को अपने धरम करम काकार्य करने के लिए जमीन आबंटित किया यह मुस्लिम परिवार ने गाँव के लगभग पुरे घास जमीन को अवैध कब्ज़ा कर लिया अब ग्राम भटगुना में पशुओ की चराई हेतु कोई भी घास जमीन उपलब्ध नही | इसी गाँव के उपसरपंच भी मुस्लिम परिवार का साथ दिया है एवं उपसरपंच (वीरेन्द्र कुमार साहू) द्वारा गाँव के 12 नग वृक्ष को भी काट कर पेड़ो को ब्रिकी कर दिया गया उपसरपंच द्वारा पेड़ो की काटने हेतु किसी भी ग्राम वासी को बताना जरुरी नही समझा | ग्राम पंचायत सरपंच एवं पंचो द्वारा इसका विरोध किया गया लेकिन उपसरपंच ने किसी की नही सुनी | इन सब मामलो को लेकर ग्राम पंचायत भटगुना केसरपंच ने अपने पंचो के साथ मिलकर डोंगरगाँव तहसीलदार को शिकायत दी साथ ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डोंगरगाँव के समक्ष भी लिखित शिकायत किया गया,लेकिन आज दिनांक तक इन उच्च अधिकारियों द्वारा किसी भी तरह से कोई भी कार्यवाही नही की गई है | गाँव की जनता जो अपनी समस्याओ के समाधान के लिए एक प्रतिनिधि, एक ऐसा व्यक्ति गाँव में चुनते है जो गाँव वालो की समस्या को हल करे व अपने गाँव वालो को सारी सुविधाए प्रदान करें | आज पूरे ग्रामवासी अपने पशुओ को चराने के लिए अपनी ही खेती का सहारा ले रहे है जबकि गाँव में घास जमीन होने के बाद भी गाँव वाले जमीनहीन होगए है | यह सिर्फ मुस्लिम परिवारों एवं उपसरपंच के चलते हुए | ग्राम पंचायत के सरपंच ने गाँव वालो को घास जमीन उपलब्ध कराने  हेतु अनावेदको के विरुद्ध शिकायतअपने जिले के उच्च अधिकारियों को दिया और उम्मीद किया के अधिकारी  जरुर  बातो  को समझेगी एवं न्याय करेगी लेकिन सारे उच्च अधिकारीयो को इस ओर सुध ही नही सरपंच अपना शिकायत पत्र लेकर कभी इस अधिकारी के कार्यालय तो कभी उस अधिकारी के कार्यालय भटकरहे है | लेकिन अधिकारी है की घास जमीन को गाँव वालो को उपलब्ध करवाने में किसी तरह से मदद नही कर रही है | ऐसे अगर कोई आम नागरिक जो ऐसे अधिकारियों की काम ढिलाई देखते हुए अपनी समस्याए नही रख पाते और ऐसे में ही कई ऐसे भी लोग होते है जो अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटते रह जाते है और न चाहते हुए भी उनके सामने आत्महत्या या गैर जिम्मेदाराना कार्य करने की नौबत आ जाती है | और अधिकारी बहुत हीअच्छे तरीके से अपना पल्ला झाड़ लेती है | ग्राम पंचायत भटगुना के सरपंच ने अपनी तकलीफ त्वरित ख़बरें अखबार के प्रधान संपादक प्रहलाद दुबे को बताई और उनके द्वारा कहा की वो कलेक्टर महोदय तक को इसकी शिकायत किये हुए है लेकिन कलेक्टर ने भी किसी भी तरह की कार्यवाही नही की है | जिसके चलते सरपंच द्वारा अपनी समस्या त्वरित ख़बरें अख़बार के सामने रखने का सोचा के अख़बार के द्वारा ग्राम भटगुना के ग्राम वासियों की समस्या से सभी अवगत हो एवं सभी को ज्ञात हो की जो सरपंच अधिकारियों से मदत की गुहार लगाते - लगाते थक गए लेकिन अधिकारी है की समस्या का निराकरण कर ही नही रहे है | सरपंच द्वारा कहा जा रहा है की जिले के अधिकारी उनकी समस्या का निराकरण नही कर पा रहेहै तो वह अपनी समस्या प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से करने मजूबर है | एवं ऐसे अधिकारी जो सरपंच की समस्या का निराकरण नही कर पा रहे है उनकी भी शिकायत माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष करने को मजबूर है |