पेट्रोल-डीजल के बाद बिजली भी महंगी:बिजली की दर 2.31% बढ़ी, जिन घरों में माह में 200 यूनिट खपत, उन्हें ‌20 रुपये ज्यादा देना पड़ेगा

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कवर्धा 8 घंटे पहले 

पेट्रोल-डीजल के बाद अब बिजली भी महंगी हो गई है। बिजली की दर में 2.31 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। घरेलू कनेक्शन में 10 पैसे प्रति यूनिट और गैर घरेलू यानी कमर्शियल कनेक्शन में 15 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। यानी जिन घरों में 200 यूनिट प्रतिमाह बिजली खपत होती है, अब उन्हें 20 रुपए ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। बिजली की बढ़ी हुई दरों से कबीरधाम जिले के 2.50 से ज्यादा परिवार प्रभावित होंगे।

छग राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बुधवार को बिजली की नई दरों का ऐलान किया है। नई दरें अप्रैल माह से लागू हो गई है। यानी मई माह में आपके घरों का बिजली बिल बढ़ा हुआ आएगा। बिजली कंपनी से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व में घरेलू कनेक्शन पर 0 से 100 यूनिट तक बिजली खपत की औसत दर 3.60 रुपए थी। अब नई दरें लागू होने से इसमें प्रति यूनिट 10 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। यानी 100 यूनिट बिजली खपत पर 10 रुपए तक अधिक बिल चुकाना पड़ेगा। वहीं 200 यूनिट खपत पर 20 रुपए और 300 यूनिट खपत पर 30 रुपए अधिक देना पड़ेगा।

यूं समझिए, इसका उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा
सामान्य तौर पर प्रति महीने 200 यूनिट की खपत करने वाले परिवार को पिछले महीने तक 780 रुपए का बिल आता था। नई दर प्रभावी होने के बाद उतनी ही खपत पर बिजली का दाम 800 रुपए हो जाएगा। यानी आपकी जेब से 20 रुपए अधिक जाएंगे। 300 यूनिट खपत पर पहले 1320 रुपए देना पड़ता था, अब 1350 रुपए देना पड़ेगा। 400 यूनिट खपत पर 1860 रुपए की जगह अब 1900 रुपए, 500 यूनिट खपत पर 2500 रुपए की जगह अब 2550 रुपए और 600 यूनिट खपत पर 3150 रुपए की जगह अब 3210 रुपए का भुगतान करना पड़ेगा।

जैसे-जैसे खपत बढ़ेगी अंतर की राशि बढ़ती जाएगी। बता दें कि इसमें बिजली बिल हाफ योजना और राज्य सरकार के ड्यूटी व सेस शामिल नहीं है। आखिरकार उपभोक्ताओं पर ही असर पड़ेगा। सामान्य तौर पर प्रति महीने 200 यूनिट की खपत करने वाले परिवार को पिछले महीने तक 780 रुपए का बिल आता था।

नई दर प्रभावी होने के बाद उतनी ही खपत पर बिजली का दाम 800 रुपए हो जाएगा। यानी आपकी जेब से 20 रुपए अधिक जाएंगे। 300 यूनिट खपत पर पहले 1320 रुपए देना पड़ता था, अब 1350 रुपए देना पड़ेगा। 400 यूनिट खपत पर 1860 रुपए की जगह अब 1900 रुपए, 500 यूनिट खपत पर 2500 रुपए की जगह अब 2550 रुपए और 600 यूनिट खपत पर 3150 रुपए की जगह अब 3210 रुपए का भुगतान करना पड़ेगा। जैसे-जैसे खपत बढ़ेगी अंतर की राशि बढ़ती जाएगी। बता दें कि इसमें बिजली बिल हाफ योजना और राज्य सरकार के ड्यूटी व सेस शामिल नहीं है। आखिरकार उपभोक्ताओं पर ही असर पड़ेगा।

बकाया वसूलने सख्ती
जिले में बकाएदार उपभोक्ताओं से बकाया बिल वसूली के लिए सख्ती बरती जा रही है। जिले के कवर्धा व पंडरिया संभाग (डिवीजन) के सभी सब स्टेशन अंतर्गत गांवों में दबिश देकर 3637 बकाएदारों के बिजली कनेक्शन काटे हैं। कवर्धा संभाग के 2498 उपभोक्ताओं पर 2 करोड़ 46 लाख 64 हजार रु.,पंडरिया संभाग 1139 उपभोक्ताओं पर 3 करोड़ 5.32 लाख रुपए बकाया हैं।

घाटे का प्रस्ताव भेजा था
बिजली कंपनी कवर्धा के ईई केएल उईके ने बताया कि बिजली कंपनी ने 1004 करोड़ की घाटे का प्रस्ताव भेजा था। नियामक आयोग ने 386 करोड़ ही मान्य किया। बिजली की दरों में 2.31 प्रतिशत वृद्धि करने की अनुमति दी है। इस वृद्धि के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को 10 पैसे प्रति यूनिट और इंडस्ट्री और कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं के लिए 15 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।

लाइन लॉस कम कर लें तो दरें बढ़ाने की जरूरत नहीं
छग राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी ने साल 2022- 23 के लिए 1004 करोड़ के राजस्व घाटे की आपूर्ति का प्रस्ताव नियामक आयोग को भेजा था। घाटे की भरपाई के लिए बिजली की दरें बढ़ाकर उपभोक्ताओं पर बोझ डाला जा रहा है। यदि कंपनी लाइन लॉस को कम कर लें, तो दरें बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कवर्धा डिवीजन में ही बीते एक साल में 3 प्रतिशत लाइन लाॅस बढ़ा है। पहले 22% लाइन लॉस होता था, जो अब 25% तक हो गया है। बिजली चोरी या अन्य तकनीकी कारणों से जो बिजली खपत होती है और जिसका पैसा कंपनी को नहीं मिलता, उसे लाइन लॉस कहते हैं।

इससे मिडिल क्लास परिवार को लगेगा झटका
बिजली की दरें बढ़ने से कबीरधाम जिले के 2.50 लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित होंगे। उन्हें मई माह में उन्हें बढ़े हुए बिजली बिल का झटका लगेगा। सबसे ज्यादा मार मिडिल क्लास परिवार को लगेगी, जिनकी मासिक औसत खपत 300 से 400 यूनिट तक है। वहीं 12 हजार से अधिक गैर घरेलू उपभोक्ता पर भी बोझ बढ़ेगा।