राजनांदगांव: बच्चों में सुपोषण लाने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करने के लिए जिले में 24 अगस्त से शिशु संरक्षण माह मनाया जाएगा जो 28 सितंबर तक चलेगा। शिशु संरक्षण माह की शत-प्रतिशत सफलता के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही है। इस विशेष माह के अंतर्गत बच्चों को विटामिन ए तथा आयरन फॉलिक एसिड सिरप की खुराक दी जाएगी।
किसी भी बीमारी से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शिशु संरक्षण माह के संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, “कोरोना संक्रमणकाल में लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता के प्रति जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अहम यह भी है कि ऐसे समय में विशेषकर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता का भी ध्यान रखा जाए। सुपोषण व पौष्टिक आहार के प्रति अभिभावकों को जागरुक करने के साथ-साथ बच्चों को विटामिन ए की खुराक देना भी जरूरी है, इसीलिए शिशु संरक्षण माह के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा कुपोषण में कमी लाने के उद्देश्य से बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। यह खुराक 9 माह से 5 साल तक के बच्चों को 6 माह में एक बार दी जाती है”। उन्होंने बताया, “11 सत्रों के लिए चलाया जाने वाला शिशु संरक्षण माह 24 अगस्त, 27 अगस्त, 31 अगस्त, 3 सितंबर, 7 सितंबर, 10 सितंबर, 14 सितंबर, 17 सितंबर, 21 सितंबर, 24 सितंबर और 28 सितंबर को आंगनवाड़ी केंद्र व स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों जैसे सुव्यवस्थित स्थानों पर संचालित किया जाएगा। इस दौरान कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार ही बच्चों को विटामिन ए और आयरन सिरप की खुराक दी जाएगी, साथ ही शारीरिक दूरी का भी ध्यान रखा जाएगा”। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया, विटामिन ए की कमी से बच्चे लगातार बीमार पड़ सकते हैं। आंखें कमजोर हो सकतीं हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में शिशु संरक्षण माह का आयोजन 24 अगस्त से 28 सितंबर 2021 तक किया जाएगा। इसके अंतर्गत निर्धारित तिथियों में सभी टीकाकरण केंद्रों में मंगलवार एवं शुक्रवार को टीकाकरण की सेवाओं के साथ-साथ विटामिन ए की खुराक भी दी जाएगी। शिशु संरक्षण माह के दौरान 9 माह से 11 माह तक के सभी बच्चों को एक एमएल एवं एक वर्ष से पांच वर्ष तक की उम्र के बच्चों को दो एमएल विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। इसी तरह 6 माह से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को आयरन फॉलिक एसिड सिरप की खुराक दी जाएगी”। डॉ.चौधरी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा, “शिशुवती माताएं निर्धारित समय में केंद्रों पर पहुंचकर अपने बच्चे को विटामिन ए की खुराक पिलाएं। विटामिन ए की खुराक से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता व मानसिक विकास में वृद्धि एवं आंख में रात में होने वाला अंधापन (नाइट ब्लाइंडनेस) की रोकथाम करने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के दौरान निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों को शत-प्रतिशत विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी”।