आरटीई प्रवेश की जानकारी के लिए, डीईओ ने निजी स्कूल के प्राचार्यों की ली बैठक

त्वरित ख़बरें - हर साल खाली रह जा रही आरटीई की सैकड़ों सीटें,

शिक्षा का अधिकार कानून के तहत कमजोर और गरीब वर्ग समूह के बच्चों को निजी स्कूल की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों में प्रवेश देना है। शिक्षा सत्र 2021-22 में आरटीई के तहत निजी स्कूलों ने 4554 सीटें आरक्षित बताई थीं पर लगभग 1500 सीटें रिक्त रह गईं। इन सीटों को भरने अफसरों ने अपने स्तर पर कोई प्रयास नहीं किया। इस तरह हर साल आरटीई की प्रक्रिया होती है पर सैकड़ों सीटें खाली रह जाती है। इस वजह से कई पात्र लोगों को शिक्षा का अधिकार नहीं मिल पा रहा है।

विडंबना यह है कि आरटीई में प्रवेश लेने वाले बच्चों की क्या स्थिति है? इस संबंध में डीईओ कार्यालय के अफसर निजी स्कूलों में झांकते तक नहीं है। खबर है कि निजी स्कूलों में प्रवेशित कई बच्चे हर साल आगे की कक्षाओं में भर्ती न लेकर सरकारी स्कूल चले जा रहे हैं। इसका कारण जानने अफसर गंभीरता ही नहीं दिखा रहे हैं।

प्लानिंग से करेंगे काम
डीईओ आरएल ठाकुर ने 12 मार्च को निजी स्कूल के प्राचार्यों की बैठक बुलाई है। बैठक दोपहर 12 बजे बल्देव प्रसाद मिश्र स्कूल में रखी गई है। शिक्षा के अधिकार के तहत सत्र 2022-23 में आरक्षित सीट एवं प्रवेश की जानकारी एवं वर्तमान सत्र के लिए निर्धारित समय-सारिणी के अनुरूप आरटीई का कार्य पूरा करने की प्लानिंग।