ग्राम कोलिहापुरी (टप्पा) में जय श्रीराम नवयुवक मंडल, महावीर मानव मंडली एवं श्रीराम के महिमा एवं समस्त ग्रामवासी द्वारा रामायण सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि में जिला पंचायत अध्यक्ष गीता घासी साहू थीं। आयोजक समिति एवं ग्रामवासियों एवं सरपंच रम्भा बाई वर्मा ने मुख्य अतिथि का तिलक लगाकर, शाॅल, मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया।
जिपं अध्यक्ष साहू ने कहा कि 84 लाख योनि के बाद मानव जीवन मिला है। आज के व्यस्ततम समय में कुछ समय निकालकर प्रभु श्रीराम का गुणगान करना चाहिए। भगवान के चरणों में जितना समय बीत जाए उतना ही हमारे लिए सुंदर और अच्छा होगा। नि:स्वार्थ भाव से काम करने की सीख हमें रामायण से मिलती है। ईश्वर ने हम सब को एक बनाकर भेजा है। बच्चों को अच्छे संस्कृति एवं संस्कार दें ताकि भविष्य में अच्छे नागरिक बन सकें।
तालाब सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृति दी: जिपं अध्यक्ष ने ग्रामीणों की मांग पर दो लाख रुपए से तालाब सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृति दी। इस अवसर पर घासी राम साहू गोविंद राम साहू, धनराज वर्मा, डॉ.रामाधीन साहू, सरेखा राम साहू, सेवाराम साहू, भीखु राम साहू, चेतन वर्मा, दीपक वर्मा, कालू राम साहू, चरण साहू, हरित लाल कवर एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।
मानस महोत्सव सम्मेलन में महावीर मानस मंडली कोलिहापुरी, श्रीराम की महिमा कोलिहापुरी, अंतरराष्ट्रीय पंडवानी गायिका रितु वर्मा, अंजनेय मानस परिवार बागबाहरा महासमुंद, जय सिद्धेश्वर मानस परिवार देवरा तिल्दा खरोरा (रायपुर), दाई के दुलार मानस परिवार कल्हारपुरी बालोद, श्रीसंगम मानस परिवार सोरीटोला डोंगरगढ़, मोर मयारू मानस परिवार गुदगुदा धमतरी ने अपनी प्रस्तुति दी।
रामायण के प्रत्येक पात्र अनुकरणीय: ग्राम गहिराभेड़ी में आयोजित सस्वर मानस गान सम्मेलन में भी जिपं अध्यक्ष शामिल हुए। कार्यक्रम में घासी राम साहू, जगजीत भाटिया, आलोक मिश्रा, हिरेन्द्र कुमार साहू, राजीव साहू हर्राटोला, अर्जुन साहू, रामकुमार यदु, सुबे दास साहू, अश्वनी कलिहारी, कामेश बनपेला, पारथ साहू, हीरा सिंग साहू, प्रेम लाल साहू, दिलीप साहू, हेमचंद साहू, हीरालाल, सोहन, तुला राम साहू, लक्ष्मी दास साहू, तेजराम साहू ,नारायण साहू, रेवा राम साहू, दीनदयाल साहू, धन्नू लाल साहू , गिरधर वर्मा, मनहरण साहू, माखन कोटवार उपस्थित थे।
कार्यक्रम में मंच संचालन प्रीतम कोठारी ने किया। जिपं अध्यक्ष ने कहा कि रामायण के प्रत्येक पात्र का जीवन अनुकरणीय है। मानव जीवन में जब तक जिंदगी है फुर्सत नहीं मिलेगा। काम से प्रभु श्रीरामचंद्र की भक्ति करें और उनके जीवन शैली को जीवन में अनुशरण करें।