पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में मंगलवार को 76वां नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र का दीक्षांत परेड हुआ। इसमें 99 नवआरक्षक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में पुलिस महानिरीक्षक आरपी साय शामिल हुए, जिन्होंने नव आरक्षकों का हौसला बढ़ाया।
पीटीएस में 99 प्रशिक्षणार्थियों में से 8 सीधी भर्ती के, 49 अनुकम्पा नियुक्ति, गोपनीय सैनिक 1, सहायक आरक्षक से 27 व 14 आत्म समर्पित हैं। खास बात यह है कि कुछ आत्मसमर्पितों को ट्रेनिंग के दौरान शस्त्रों के साथ अक्षरज्ञान भी दिया गया। ताकि वे भविष्य में बेहतर कार्य कर सकें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईजी साय ने कहा कि प्रशिक्षण आपको विभाग में कार्य करने की सही दिशा देता है, अनुशासन व उचित विधि से परिचित कराता है। अनुशासन ही पुलिस विभाग का आभूषण है, जो समाज का सुरक्षित और व्यवस्थित रख सकता है।आप पुलिस विभाग की आधारशिला बनने जा रहे हैं। इस प्रशिक्षण संस्था में पर्याप्त प्रशिक्षण के पश्चात आप ने जो शपथ ग्रहण किया है वह आपकी सेवा के लिए पथ-प्रदर्शक है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी पुलिस ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अहम भूमिका निभाई है।
सलामी के बाद कर्तव्य निष्ठा की दिलाई शपथ
प्रशिक्षण विद्यालय प्रमुख पुलिस अधीक्षक इरफान उल रहीम खान ने इस मुख्य अतिथि के परेड सलामी के बाद प्रशिक्षणार्थी नव आरक्षकों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलायी व प्रशिक्षण संस्था का प्रतिवेदन वाचन किया। एसपी खान ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि सन् 1960 से स्थापित नवआरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण का प्रथम सत्र 01 अक्टूबर 1960 को प्रारंभ हुआ।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी होते रहे प्रयास
पीटीएस एसपी खान ने बताया कि प्रशिक्षण विद्यालय में समय समय प्रशिक्षणार्थियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। विश्वव्यापी कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षक प्रशिक्षणार्थी एवं सम्पूर्ण स्टाफ को इससे बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रसारित कर कड़ाई से पालन कराया गया। प्रशिक्षण विद्यालय परिसर के प्रवेश व निकासी पर सख्ती बरती गयी।
उत्कृष्ट नव आरक्षकों को पुरस्कृत भी किया गया
दीक्षांत समारोह में प्रशिक्षण के दौरान अलग-अलग क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षकों को पुरस्कृत भी किया गया। शिक्षा से लेकर खेलकूद व विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट स्थान हासिल करने वाले भी पुरस्कृत हुए। पासिंग आउट परेड के बाद आरक्षकों में भी उत्साह का माहौल रहा। ज्यादातर नवआरक्षकों के परिजन भी दीक्षांत समारोह में शामिल हुए।