कबीरधाम, 16 अगस्त 2021 मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता को गंभीरता से लेते हुए इस दिशा में बेहतर करने के उद्देश्य से जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम कबीरधाम द्वारा मेडिकल आफिसर एवं ग्रामीण चिकित्सा सहायक अधिकारी के लिए दो दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। नेशनल इंस्टीट्यूट आफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेस (निमहांस) बेंगुलुरु के चिकित्सा विशेषज्ञ डा. सुचेंद्र परिहार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रमुख मार्गदर्शक हैं। प्रशिक्षण के पश्चात अनिवार्य रूप से मानसिक स्वास्थ्य ओपीडी भी संचालित किया जाएगा।
मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए आसपास जिले के दो बैच का चयन किया गया है। पहले दिन पहला बैच यानी कबीरधाम जिला के मेडिकल आफिसर एवं ग्रामीण चिकित्सा सहायक अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसी तरह प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे और आखिरी दिन दूसरे बैच यानी मुंगेली जिले के मेडिकल आफिसर एवं ग्रामीण चिकित्सा सहायक अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले दिन जिला अस्पताल कबीरधाम के सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डा. पीसी प्रभाकर एवं जिला नोडल अधिकारी डा. विनोद चंद्रवंशी ने निमहांस बेंगलुरु से आए डा. सुचेंद्र हरिहर का स्वागत कर कार्यक्रम की शुरुआत की। वहीं डा सुचेंद्र परिहार ने मानसिक स्वास्थ्य विषय पर चर्चा करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों को विभिन्न आवश्यक जानकारियां दी। मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित कार्यनीतियों तथा उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रमुख कार्यनीतियों में एनएमएचपी के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों में मानसिक स्वास्थ्य को एकीकृत करना, मानसिक विकारों के उपचार के लिए तृतीयक देखभाल संस्थानों का प्रावधान, नियामक संस्थानों जैसे- केंद्रीय और राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के माध्यम से मानसिक रोग से जूझ रहे लोगों के अधिकारों को सुरक्षित रखना और उनसे जुड़े कलंक को मिटाना है। सामुदायिक स्तर पर आधारभूत मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के प्रावधान पर विचार करना ही मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का अर्थ है”। उन्होंने कहा, “समुदाय में निरंतर आधारभूत मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के साथ इन सेवाओं को एकीकृत करना, समुदाय के भीतर रोगियों की प्रारंभिक पहचान और उपचार, सार्वजनिक जागरूकता तथा समुदाय के भीतर मानसिक रोगियों का उपचार और पुनर्वास जैसे क्रियाकलापों को मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के उद्देश्यों में स्थान दिया गया है”। वहीं प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला अस्पताल कबीरधाम के सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डा. पीसी प्रभाकर ने बताया, “मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के उद्देश्यों को गंभीरता से लिया जा रहा है और प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी सक्रियता का हिस्सा है। मानसिक स्वास्थ्य में असहजता से पीड़ित को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से जिले में मानसिक स्वास्थ्य ओपीडी भी संचालित करने की योजना है”।