कल रात में १२ बजे एक मरीज आया। उसके lungs में बाई तरफ फॉरेन बॉडी चला गया। जिससे उसके बाई तरफ के फेफड़ों में ऑक्सीजन जाना बंद हो गया और वो हिस्सा collapse हो गया। इसकी वजह से मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उसका ऑक्सीजन सैचुरेशन 70%से कम हो गया था। इमरजेंसी में उसका bronchoscopy करके दूरबीन पद्धति से निकाला गया जिससे उसकी जान बच गई। इस प्रोसीजर में रिस्क बहोत था। लेकिन मरीज के परिजनों ने हम पर भरोसा किया और हमें उनके इलाज की सहमति प्रदान की। टीम में मेरे अलावा अक्षय नाहक एंडोस्कोपी टेक्नीशियन, Dr manharan, दीपक साहू ot टेक्नीशियन का भी योगदान रहा।