पल्स पोलियो अभियान का पहला चरण

त्वरित ख़बरें - पहले दिन डेढ़ लाख से अधिक बच्चों को पिलाई पोलियो की दवा

राजनांदगांव 27 फरवरी 2022. विकलांगता से बचाकर किलकारी सुरक्षित करने के लिए जिले में शून्य से 5 वर्ष तक के लगभग डेढ़ लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने हेतु 866 पोलियो बूथों में लगभग 3,000 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाकर सुबह से शाम तक पोलियो की दवा पिलाई गई।

कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय पल्स पोलियो के प्रथम चरण का आयोजन किया गया। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.एल. तुलावी ने बतायाः “विकासखंड के ग्रामों के साथ ही शहरी क्षेत्रों में बस स्टैंड, रेल्वे स्टेशन, खरादों, ईंट भट्ठा, छात्रावास व मदरसा जैसे स्थानों में ट्रांजिट टीमों एवं मोबाइल टीमों द्वारा शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के उद्देश्य से शहरी क्षेत्र राजनांदगांव के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पोलियो बूथ बनाया गया। 

अब 28 फरवरी एवं 1 मार्च को सभी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने नागरिकों से अपील की गई है”।

 इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बतायाः “प्रथम चरण में 27 एवं 28 फरवरी तथा 1 मार्च को जिले में 1,545 ग्रामों के लगभग 1.91 लाख बच्चों को एवं राजनांदगांव शहरी क्षेत्र में कुल 22,178 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण के पहले दिन सुबह 8 से शाम 5 बजे तक निर्धारित पोलियो बूथ पर 0-5 वर्ष के लगभग 1.51 लाख बच्चों को पोलियों की दवा पिलाई गई। जिले के 866 पोलियो बूथों में दवा पिलाने के लिए 3,634 कार्यकर्ताओं की डयूटी लगाई गई है। जिसमें स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, कोटवार, प्रशिक्षु महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता व पैरामेडिकल छात्र शामिल हैं”।

 पल्स पोलियो अभियान काफी कारगरः गोदावरी

बच्चे को पोलियो की दवा पिलाने आई गोदावरी निषाद ने बतायाः “बच्चे को विकलांगता के अभिशाप से बचाने के लिए पल्स पोलियो अभियान एक कारगर उपाय हैं। इस अभियान की महत्ता को समझकर प्रत्येक माता-पिता को स्वयं सामने आकर अपने बच्चे को पोलियो की दवा पिलानी चाहिए ताकि बच्चा स्वस्थ रहे”।