बेहतर पेयजल आपूर्ति के लिए अमृत मिशन योजना की शुरुआत की गई

त्वरित ख़बरें - 242 करोड़ की अमृत मिशन योजना दो साल पीछे, सुपेला से खुर्सीपार तक पेयजल संकट

भिलाई निगम के 70 वार्डों तक पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया है। बेहतर पेयजल आपूर्ति के लिए 242 करोड़ की लागत से अमृत मिशन योजना की शुरुआत की गई। प्रोजेक्ट अब तक अधूरा है, दो साल से ज्यादा समय लेट है। वर्तमान स्थिति में 385 किमी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। जबकि वर्ष 2017 में शुरू हुई योजना के तहत फरवरी 2020 तक काम पूरा करना था।

दो साल की देरी के बाद भी जोन 4 शिवाजी नगर क्षेत्र के कई हिस्सा में नई लाइन डालने का काम जारी है। इसके अलावा जिन जगहों पर पानी की पाइपलाइन बिछाई गई है, वहां पानी की सप्लाई शुरू योजना के तहत 12 नई टंकियों के निर्माण समेत 66 एमएलडी का फिल्टर प्लांट तैयार हो चुका है। लेकिन पाइपलाइन विस्तारीकरण में लेटलतीफी की वजह से अभी भी श्रमिक बस्तियों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सुपेला के कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा सकता है।

जानिए, अमृत मिशन योजना के बारे में

  • 66 एमएलडी और 6 एमएलडी का नया फिल्टर प्लांट
  • भिलाई और रिसाली क्षेत्र में 12 पानी की टंकियां
  • 41 किमी क्लियर वॉटर मेन राइजिंग पाइपलाइन
  • 27556 नए पानी की सप्लाई के लिए कनेक्शन
  • 20832 पुराने नलों में मीटर लगाए जाएंगे। ताकि खपत के मुताबिक पानी का बिल दिया जाए।

नई लाइन के बाद भी आए दिन वाल्व में लीकेज

जलकार्य समिति के प्रभारी व सदस्यों का कहना है कि निगम क्षेत्र में अमृत मिशन के तहत नई पाइपलाइन, वॉल्व, राइजिंग पाइप समेत तमाम काम किए गए। अब पहला फेज समाप्ति की ओर पहुंच गया है। लेकिन निगम अधिकारियों के मॉनिटरिंग नहीं करने की वजह से गुणवत्ताहीन काम किया गया।