छत्तीसगढ़ में खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों के साथ जमकर धोखाधड़ी हो रही है। 266 रुपए में मिलने वाली यूरिया की बोरी 500 से 700 रुपए में किसानों को बेचा जा रहा है। इससे प्रदेश भर में हाहाकार की स्थिति है। कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बलौदाबाजार की दो दुकानों को अधिक कीमत पर खाद बेचते पकड़ा है। इसके बाद इन दुकानों का उर्वरक लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया, कृषि और राजस्व विभाग के अमले ने बलौदाबाजार जिले में खाद की 18 दुकानों की जांच की। इस दौरान तुलसी गांव के देवांगन कृषि केंद्र में 500 रुपए प्रति बोरी की दर से यूरिया बिकते पकड़ा गया। दुकान में उपलब्ध स्टॉक और खाद के मूल्य को कहीं प्रदर्शित नहीं किया गया था। इस दुकान में पहले भी गड़बड़ी पकड़ी गई थी। अधिकारियों ने इस दुकान का उर्वरक लाइसेंस ही रद्द करके गोदाम सील कर दिया गया।
हिरमी गांव में वर्मा कृषि सेवा केंद्र में भी ऐसे ही आरोपों के तहत कार्रवाई की गई है। बलौदाबाजार की टीम ने दामाखेड़ा के संतोष कुमार अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र, बलौदाबाजार के न्यू जायसवाल ट्रेडर्स और बया के विकास ट्रेडर्स में स्टॉक बिल बुक में गड़बड़ी आदि की वजह से 14 दिनों के लिए लाइसेंस निलंबित कर दिया। वहीं अगले 21 दिनों के लिए इन दुकानों को खाद बेचने से प्रतिबंधित कर दिया है।
प्रदेश के कई जिलों में पहुंचे अधिकारी
किसानों की ओर से कालाबाजारी और शॉर्टेज की शिकायत बढ़ने के बाद अब सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। राजस्व और कृषि विभाग की टीम ने प्रदेश भर में 92 खाद दुकानों की जांच की है। 48 दुकानों में गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। जिन जिलाें में रविवार को कार्रवाई हुई उसमें बेमेतरा, राजनांदगांव, रायपुर, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, दुर्ग, बलौदाबाजार, धमतरी और कबीरधाम शामिल हैं।