देश का पहला आइडिया लैब

त्वरित ख़बरें - देश को तकनीकी रूप से सक्षम करने में लैब कारगर, यहां छात्र रोबोट से लेकर हर वाे चीज गढ़ पाएंगे, जिसकी वे अभी कल्पना ही करते आए

एआईसीटीई ने रायपुर स्थित शंकराचार्य कॉलेज को आइडिया लैब स्थापित करने के लिए चुना है। पूरे देश से कई इंजीनियरिंग कॉलेजों ने आवेदन किया था, जिसमें 49 कॉलेजों का चयन किया गया। इनमें से एक शंकराचार्य रायपुर भी है।

शंकराचार्य रायपुर देश का पहला कॉलेज है, जहां आज एआईसीटीई आइडिया लैब काम पूरा हुआ और यह शुरू हो पाया। यहां छात्र रोबोट, मशीनरी से लेकर हर वो चीज गढ़ सकेंगें, जिसकी वो कल्पना करते हैं। उनका सपना पूरा हो सकेगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किया गया है डिजाइन
आइडिया लैब को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत डिजाइन किया गया है। यहां छात्रों में इमेजिनेशन, क्रिएटिविटी, क्रिटिकल थिंकिंग, डिजाइन थिंकिंग, प्रॉब्लम सोल्विंग एवं कोलेबोरेशन जैसे स्किल का विकास होगा। यह लैब सातों दिन, 24 घंटे खुली रहेगी।

देश को तकनीकी रूप से सक्षम करने में लैब कारगर
मंगलवार काे इसका उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि राज्य के कॉलेज को एआईसीटीई की तरफ से आइडिया लैब के लिए चुना जाना कॉलेज के लिए नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। छात्र इसका सही तरीके से उपयोग कर अपना भविष्य उज्जवल बना सकते हैं। एडवाइजर एआईसीटीई डॉ. नीरज सक्सेना ने कहा कि लैब देश के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

कम समय में बड़ी उपलब्धि हासिल की गई: मिश्रा
श्रीगंगाजलि एजुकेशन सोसायटी के चेयरमैन आईपी मिश्रा ने कहा कि शंकराचार्य रायपुर ने कम समय में बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। सचिव निशांत त्रिपाठी ने कहा कि एसएसआईपीएमटी रायपुर यूजीसी सर्टिफिकेशन, नैक तथा एआईसीटीई एक्रेडिटेशन हासिल करने वाला और क्षेत्र में स्थान पाने वाला राज्य का एकमात्र संस्थान है। अब देश का पहला आइडिया लैब बनाने का भी खिताब भी हमारे पास है।