छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई, अगले 5 दिन हल्की बारिश का अलर्ट; 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

त्वरित खबरें :भूमिका दास

बिजली गिरने का भी खतरा, रात के तापमान में फिर आ सकती है गिरावट; मौसम में बदलाव से बढ़ेगी ठंडक

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने का खतरा भी बताया गया है। वहीं, रात के तापमान में दोबारा गिरावट आने से सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ सकती है।

पांच दिन तक हल्की बारिश की संभावना

मानसून की वापसी के बाद भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं रहेगा। स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम में होने वाले अचानक बदलाव के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।

40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

मौसम में बदलाव के दौरान कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर सावधानी बरतें और कमजोर होर्डिंग, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचें।

आकाशीय बिजली गिरने का खतरा

बारिश के साथ कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे और जलाशयों के पास रुकने से बचें। सुरक्षित पक्के भवन के भीतर या बंद वाहन में शरण लें।

रात के तापमान में फिर आ सकती है गिरावट

मौसम में बदलाव के बीच रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इससे सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। मौसम का यह बदलाव खासकर उन लोगों को प्रभावित कर सकता है, जो सुबह जल्दी घर से निकलते हैं या देर रात तक बाहर रहते हैं।

मौसम विभाग की सलाह पर रखें नजर

मौसम की स्थिति जिले और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी की जानकारी जरूर लें। आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतें तथा मौसम खराब होने पर खुले स्थानों पर जाने से बचें।

नोट: बारिश, हवा की गति और पांच दिनों के अलर्ट से जुड़ी जानकारी को प्रकाशित करने से पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन से सत्यापित करें।