दुर्ग। नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों की व्यवहारिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से दुर्ग रेंज स्तरीय तीन दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ 21 सितंबर से पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-06, भिलाई में हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने किया।
पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण में दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले के कुल 81 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हो रहे हैं। इनमें दुर्ग जिले से 47, बालोद से 24 और बेमेतरा से 10 प्रशिक्षणार्थी शामिल हैं।
प्रशिक्षण के दौरान नवीन आपराधिक कानूनों के महत्वपूर्ण प्रावधानों, अपराधों की विवेचना एवं अनुसंधान की नई प्रक्रिया, साक्ष्य संकलन, प्रकरणों में कानून के व्यवहारिक अनुप्रयोग और प्रभावी एवं विधिसम्मत पुलिसिंग से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वरिष्ठ आरक्षक से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर तक के अधिकारी-कर्मचारी इसमें भाग ले रहे हैं।
जिला बालोद और बेमेतरा के प्रशिक्षणार्थी ऑनलाइन माध्यम से कार्यशाला से जुड़कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। अधिकारियों-कर्मचारियों को नए कानूनों के प्रावधानों को गंभीरता और गहनता से समझने तथा अपने कार्यक्षेत्र में उनका विधिसम्मत एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस की विवेचना की गुणवत्ता में सुधार, नवीन कानूनों के संबंध में व्यवहारिक ज्ञान बढ़ाना और कानून के अनुरूप प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग सुनिश्चित करना है।
प्रशिक्षण कार्यशाला के आयोजन और समन्वय में नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चन्द्रा, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा, सीसीटीएनएस प्रभारी काशी बरेठ सहित संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।