दुर्ग, जिले में बढ़ रहे साइबर फ्रॉड की शिकायतों की जांच के दौरान पुलिस को कई संदेहास्पद बैंक खातों की जानकारी मिली थी। जब तकनीकी टीम ने इन खातों के लेन-देन और लोकेशन का विश्लेषण किया, तो स्थानीय युवकों की भूमिका सामने आई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर 6 आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे अंतरराज्यीय साइबर ठगों के संपर्क में थे और पैसों के लालच में उन्हें बैंकिंग किट मुहैया कराते थे।
पुलिस कार्रवाई और अपील:पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया है। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि पैसे के लालच में अपना बैंक खाता या सिम किसी अन्य व्यक्ति को न दें। ऐसा करने पर खाताधारक को भी साइबर अपराध का सह-आरोपी मानते हुए जेल भेजा जाएगा।