बालोद, । कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वे शुक्रवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रही थीं।
बैठक में कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की और जिले में प्रकरणों के निराकरण की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से अविवादित नामांतरण के प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने तहसीलवार अविवादित एवं विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन, अवैध वृक्ष कटाई, त्रुटि सुधार तथा ई-कोर्ट से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की। इसके साथ ही नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण, एग्रीस्टैक पंजीयन, ऑटो डायवर्सन और संयुक्त वन सर्वेक्षण की प्रगति का भी जायजा लिया।
आई-गोट कर्मयोगी प्रशिक्षण पर जोर
बैठक में कलेक्टर ने राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए शासन के निर्देशानुसार आई-गोट कर्मयोगी पोर्टल पर प्रत्येक माह प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी स्वयं तथा अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों का प्रतिमाह न्यूनतम एक घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से पूरा कराएं।
इसके अलावा जिले के सभी नगरीय निकायों में आवासहीन व्यक्तियों को पट्टा वितरण के लिए किए जा रहे सर्वेक्षण, मुख्यमंत्री जनदर्शन पोर्टल के लंबित प्रकरणों के निराकरण और असर्वेक्षित ग्रामों के सर्वेक्षण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक एवं नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर मधुहर्ष, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।