गरियाबंद में वन विभाग को बड़ी सफलता: आबादी में दहशत फैलाने वाला तेंदुआ पिंजरे में सुरक्षित कैद

त्वरित खबरें :अमित रिपोर्टिंग

गरियाबंद, 01 अगस्त 2026। गरियाबंद वनमंडल के अंतर्गत वन परिक्षेत्र गरियाबंद के ग्राम केरावाहारा (ग्राम पंचायत जोवा) में पिछले कुछ समय से सक्रिय तेंदुए को वन विभाग ने सुरक्षित रूप से पकड़ लिया है। शुक्रवार को विभाग द्वारा लगाए गए केज ट्रैप (पिंजरे) में तेंदुआ फंस गया, जिससे क्षेत्र में संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका टल गई।

वनमंडलाधिकारी  ससिगानंदन के. ने बताया कि तेंदुआ पहले भी क्षेत्र में पालतू मवेशियों पर हमला कर चुका था और विद्यालय परिसर सहित आबादी के आसपास उसकी मौजूदगी की लगातार सूचना मिल रही थी। इसके बाद वन विभाग ने विशेष निगरानी अभियान शुरू करते हुए ग्राम जोवा और केरावाहारा में केज ट्रैप लगाए थे।

यह अभियान वनमंडलाधिकारी  ससिगानंदन के., उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक  वरुण जैन तथा वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा के निर्देशन में चलाया गया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम को भी आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात किया गया था।

शुक्रवार को तेंदुआ सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद हो गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रखते हुए उसके स्वास्थ्य और गतिविधियों पर निगरानी शुरू कर दी। साथ ही एहतियात के तौर पर मौके पर भीड़ एकत्र न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था भी की गई।

फिलहाल तीन सदस्यीय पशु चिकित्सकों की टीम तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। जांच में उसकी शारीरिक स्थिति, संभावित चोट या बीमारी तथा प्राकृतिक आवास में छोड़ने की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और तेंदुए से संबंधित कोई भी सूचना मिलने पर तत्काल निकटतम वन अमले को सूचित करें। विभाग ने कहा है कि मानव जीवन और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।