दुर्ग में नाबालिग वाहन चालकों पर ट्रैफिक पुलिस की सख्ती, 2 दिन में 600 वाहनों की जांच, 37 अभिभावकों से भरवाया वचन-पत्र
दुर्ग। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और नाबालिग वाहन चालकों पर रोक लगाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस दुर्ग ने जिलेभर में विशेष अभियान तेज कर दिया है। अभियान के तहत पिछले दो दिनों में 600 से अधिक दोपहिया वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान 67 नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों को बुलाकर समझाइश दी गई, जबकि 37 अभिभावकों की बैठक आयोजित कर उनसे लिखित वचन-पत्र भरवाया गया।
अभिभावकों को दी कानूनी जानकारी
बैठक में अभिभावकों को बताया गया कि नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाना मोटरयान अधिनियम का उल्लंघन है। पुलिस अधिकारियों ने समझाया कि ऐसी लापरवाही बच्चों के साथ-साथ अन्य लोगों की जान के लिए भी खतरा बन सकती है। साथ ही कानून के तहत होने वाली दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माने की भी जानकारी दी गई।
भविष्य में वाहन नहीं देने का लिया संकल्प
बैठक के दौरान सभी अभिभावकों से वचन-पत्र भरवाया गया, जिसमें उन्होंने यह आश्वासन दिया कि वे भविष्य में अपने नाबालिग बच्चों को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने की अनुमति नहीं देंगे तथा उन्हें यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेंगे।
दो दिनों में 600 से अधिक वाहनों की जांच
यातायात पुलिस ने अभियान के तहत 600 से अधिक वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान 67 नाबालिग वाहन चालकों के पालकों को बुलाकर चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति पाई गई तो मोटरयान अधिनियम के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों में भी चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
यातायात पुलिस केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के विभिन्न स्कूलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान भी चला रही है। स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और पालकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही वैध ड्राइविंग लाइसेंस के साथ वाहन चलाने की सलाह दी जा रही है।
ई-चालान संबंधी समस्याओं का भी हुआ समाधान
बैठक के दौरान उपस्थित अभिभावकों की ई-चालान से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी किया गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों के सवालों के जवाब दिए और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
यातायात पुलिस की अपील
यातायात पुलिस दुर्ग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और उन्हें बिना लाइसेंस वाहन चलाने की अनुमति न दें। पुलिस का कहना है कि एक छोटी-सी सावधानी किसी परिवार को सड़क दुर्घटना जैसी बड़ी त्रासदी से बचा सकती है।