किसानों के लिए बड़ी खबर:-
गरियाबंद। खरीफ मौसम 2026 में किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। जिला प्रशासन ने किसानों से समय रहते योजना का लाभ उठाने की अपील की है, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके।
कलेक्टर की अध्यक्षता में 16 जुलाई को आयोजित जिला स्तरीय पर्यवेक्षण समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और पात्र किसानों तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन ने खरीफ 2026 के लिए जिले में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, उड़द, मूंग, अरहर, मूंगफली, कोदो, कुटकी और रागी सहित कुल 10 फसलों को अधिसूचित किया है।
योजना का लाभ ऋणी, अऋणी, भू-धारक, बटाईदार और वनपट्टाधारी किसान भी ले सकते हैं। जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन के लिए बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी को अधिकृत किया गया है। किसान अपने नजदीकी बैंक, सहकारी समिति, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या अधिकृत माध्यमों से 31 जुलाई तक बीमा करा सकते हैं।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराकर योजना का लाभ सुनिश्चित करें। इससे सूखा, अतिवृष्टि, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसल को नुकसान होने की स्थिति में आर्थिक सहायता प्राप्त की जा सकेगी।
कितना देना होगा प्रीमियम?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल के अनुसार निर्धारित प्रीमियम राशि का भुगतान करना होगा। कृषि विभाग के मुताबिक, अनाज, दलहन और तिलहन फसलों के लिए कुल बीमित राशि का 2 प्रतिशत, जबकि लघुधान्य फसलों के लिए 1 प्रतिशत प्रीमियम निर्धारित किया गया है।
योजना के तहत धान (सिंचित) की 66 हजार रुपये बीमित राशि पर 1,320 रुपये, धान (असिंचित) की 49,500 रुपये बीमित राशि पर 990 रुपये, मक्का की 50,600 रुपये बीमित राशि पर 1,012 रुपये, अरहर की 46,200 रुपये बीमित राशि पर 1,012 रुपये, तथा उड़द और मूंग की 27,500 रुपये बीमित राशि पर 550 रुपये प्रीमियम देना होगा।
इसी प्रकार मूंगफली की 51,700 रुपये बीमित राशि पर 1,034 रुपये, कोदो की 19,800 रुपये बीमित राशि पर 198 रुपये, कुटकी की 20,900 रुपये बीमित राशि पर 209 रुपये तथा रागी की 18,700 रुपये बीमित राशि पर 187 रुपये प्रीमियम निर्धारित किया गया है। किसानों से निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रीमियम जमा कर योजना का लाभ लेने की अपील की गई है|
यहां करें आवेदन
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए अऋणी किसान अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बी-1, पी-2 तथा फसल बुवाई प्रमाण पत्र के साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), संबंधित बैंक या लोक सेवा केंद्र में जाकर 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद फसल बीमा की प्रक्रिया पूरी होगी।
वहीं, यदि प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, सूखा, ओलावृष्टि या अन्य कारणों से फसल को नुकसान होता है, तो किसानों को घटना के 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। नुकसान की जानकारी कृषि रक्षक पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज की जा सकती है या टोल फ्री हेल्पलाइन 14447 पर संपर्क कर भी दावा दर्ज कराया जा सकता है। समय पर सूचना देने पर ही बीमा दावा प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी और पात्र किसानों को योजना के नियमों के अनुसार लाभ मिल सकेगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष अल-नीनो के प्रभाव के चलते मानसून में देरी और बारिश के असमान वितरण की आशंका बनी हुई है। ऐसे में मौसम की अनिश्चितता किसानों की फसलों पर भारी पड़ सकती है। इसलिए किसानों से अपील की गई है कि वे 31 जुलाई की अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपनी फसलों का बीमा अवश्य करा लें। एक छोटी-सी प्रीमियम राशि भविष्य में बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है, जबकि अंतिम तिथि निकलने के बाद योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।