सुशासन त्यौहार में सरपंच पर चाकू से हमला, डोंगरगढ़ सरपंच संघ ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

त्वरित खबरें :राहुल ओझा प्रमुख रिपोर्टिंग

डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत पलान्दूर में आयोजित सुशासन त्यौहार के दौरान सरपंच मानिकलाल वर्मा पर हुए प्राणघातक चाकू हमले को लेकर क्षेत्र में लगातार आक्रोश बना हुआ है। इस घटना के विरोध में डोंगरगढ़ सरपंच संघ ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) डोंगरगढ़ को ज्ञापन सौंपते हुए घटना की कड़ी निंदा की है और मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार सुशासन त्यौहार कार्यक्रम के दौरान मंच पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आरोपी जितेंद्र यादव ने सरपंच मानिकलाल वर्मा पर चाकू से हमला कर दिया था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मामले में आरोपी जितेंद्र यादव द्वारा मोहरा चौकी प्रभारी के समक्ष दिए गए बयान में यह कहा गया कि उसने सुशासन त्यौहार के दिन जिला कलेक्टर पर हमला करने की योजना बनाई थी, लेकिन कार्यक्रम में कलेक्टर के उपस्थित नहीं रहने पर उसने सरपंच पर हमला कर दिया।

घटना के बाद जब पुलिस आरोपी को लेकर जा रही थी, उस दौरान सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में आरोपी यह आरोप लगाते हुए दिखाई दिया कि सरपंच मानिकलाल वर्मा ने दो माह पहले उसकी पत्नी से छेड़छाड़ की थी, जिससे नाराज होकर उसने हमला किया। हालांकि ग्रामवासियों का कहना है कि आरोपी की पत्नी चार माह पहले ही ग्राम पंचायत पलान्दूर छोड़कर जा चुकी थी।

डोंगरगढ़ सरपंच संघ ने इन आरोपों को निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए कहा है कि आरोपी द्वारा जानबूझकर सरपंच की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। संघ का कहना है कि सरपंच एक लोक सेवक होता है और सार्वजनिक मंच पर इस प्रकार का हमला न केवल कानून व्यवस्था के लिए गंभीर मामला है, बल्कि यह शासकीय कार्य में बाधा डालने का भी प्रयास है।

सरपंच संघ ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संघ ने यह भी कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।

इस घटना के बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल है। सभी ने प्रशासन से मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है, ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके और कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे।