छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल बिक्री पर सख्ती: किसानों और अस्पतालों को राहत, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

त्वरित ख़बरें : ज़ाफ़रान खान रिपोर्टिंग

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की बिक्री को लेकर राज्य सरकार ने नए नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों का उद्देश्य ईंधन की अवैध बिक्री, जमाखोरी और दुरुपयोग पर रोक लगाना है, ताकि आम लोगों को सुचारु रूप से पेट्रोल-डीजल उपलब्ध हो सके। सरकार के निर्देशानुसार अब पेट्रोल पंप संचालकों को ईंधन बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। साथ ही बोतल या डिब्बों में पेट्रोल-डीजल देने पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। हालांकि किसानों और अस्पतालों को इस नियम में विशेष राहत दी गई है। कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर, पंप और अन्य मशीनों के लिए किसान निर्धारित पहचान पत्र या दस्तावेज दिखाकर ईंधन खरीद सकेंगे। वहीं अस्पतालों को जनरेटर और आपातकालीन सेवाओं के लिए बिना किसी परेशानी के डीजल उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और कानूनी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण भी किया जाएगा, ताकि नियमों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित हो सके। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और जरूरतमंदों को समय पर ईंधन उपलब्ध हो पाएगा।