उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। इसके साथ ही 8 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है। वहीं दूसरी ओर मैदानी क्षेत्रों में तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी का अहसास बढ़ेगा।
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे ऊंचाई वाले जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी हो सकती है। खासकर ऊंची चोटियों और पर्यटन स्थलों पर बर्फ गिरने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बद्रीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब मार्गों पर भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। वहीं, कुछ इलाकों में तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
मौसम विभाग द्वारा जारी यलो अलर्ट के बाद प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है। अचानक मौसम बदलने से सड़क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं और ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ सकती है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा है।
दूसरी ओर देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और अन्य मैदानी क्षेत्रों में तापमान बढ़ने के संकेत हैं। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्वतीय और मैदानी इलाकों के मौसम में यह अंतर पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणाली के कारण देखने को मिल रहा है।
उत्तराखंड में मौसम के इस बदलते मिजाज का असर पर्यटन और दैनिक जीवन पर भी पड़ सकता है। जहां एक ओर बर्फबारी से पर्यटकों में उत्साह बढ़ सकता है, वहीं खराब मौसम यात्रा में बाधा भी बन सकता है। फिलहाल प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।