राजनांदगांव में राजस्व कार्यों की समीक्षा: कलेक्टर ने सीमांकन और स्वामित्व योजना में तेजी लाने दिए निर्देश

त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

राजनांदगांव, 13 मई 2026। जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित और प्रभावी निराकरण को लेकर कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के सभी राजस्व निरीक्षकों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में सीमांकन, स्वामित्व योजना, नक्शा बटांकन, नामांतरण, बंटवारा सहित विभिन्न राजस्व कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने विशेष रूप से सीमांकन प्रकरणों की समीक्षा की। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में कुल 1,440 सीमांकन प्रकरण दर्ज हैं। इनमें से अब तक 1,202 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 238 प्रकरण लंबित हैं। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए सभी लंबित मामलों का निराकरण 15 जून 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमांकन से जुड़े मामलों के लंबित रहने से आम नागरिकों को भूमि विवादों और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों का समय पर निराकरण होने से भूमि संबंधी विवाद कम होंगे और लोगों को राहत मिलेगी।

कलेक्टर ने स्वामित्व योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रत्येक तहसील से 10-10 गांवों के प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकार अभिलेखों का निर्माण और वितरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकारों का सही रिकॉर्ड तैयार हो सके। उन्होंने बताया कि स्वामित्व योजना ग्रामीण नागरिकों को संपत्ति संबंधी अधिकार प्रदान करने और रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे लोगों को भविष्य में राजस्व संबंधी सुविधाओं और योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।

बैठक में नक्शा बटांकन कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिले में इस कार्य की प्रगति 71.58 प्रतिशत पाए जाने पर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और राजस्व निरीक्षकों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों में तेजी लाते हुए जल्द से जल्द कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि नक्शा बटांकन कार्य राजस्व प्रशासन की आधारभूत प्रक्रिया है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा हुआ विभाग है। यहां आने वाले अधिकांश मामले लोगों की जमीन, संपत्ति और अधिकारों से संबंधित होते हैं। इसलिए सभी राजस्व निरीक्षक पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक प्रकरण का निष्पक्ष और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।

बैठक में कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री विश्वास कुमार सहित जिले के सभी राजस्व निरीक्षक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।