तमिलनाडु में विजय की पार्टी 108 सीटें जीतीं: असम में तीसरी बार भाजपा; केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी, पुडुचेरी में NDA सरकार

त्वरित खबरे ;हर्ष कुमार गुप्ता

देश की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला, जहां दक्षिण भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक चुनावी नतीजों ने कई नए संकेत दिए हैं। Vijay की पार्टी ने तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज की। पहली बार चुनावी मैदान में उतरी विजय की पार्टी को जनता का जबरदस्त समर्थन मिला, जिससे राज्य की पारंपरिक राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय ने युवाओं, मध्यम वर्ग और पहली बार वोट करने वाले मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई। उनकी सभाओं में भारी भीड़ और बदलाव के वादों का असर चुनाव परिणामों में साफ दिखाई दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो सकती है।

वहीं Assam में Bharatiya Janata Party ने लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल कर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में भाजपा ने विकास, कानून व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को प्रमुख मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ा। पार्टी की लगातार तीसरी जीत को पूर्वोत्तर में भाजपा की मजबूत रणनीति और संगठन की सफलता माना जा रहा है। असम में विपक्ष को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया, जबकि भाजपा ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में संतुलित प्रदर्शन किया।

दूसरी ओर Kerala में कांग्रेस ने करीब 10 साल बाद सत्ता में वापसी कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए। कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत को जनता के बदलाव के मूड से जोड़कर देखा जा रहा है। बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता में असंतोष का फायदा कांग्रेस को मिला। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतंत्र और जनभावनाओं की जीत बताया। केरल में मिली यह सफलता कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी राहत मानी जा रही है।

इधर Puducherry में एनडीए गठबंधन ने सरकार बनाने में सफलता हासिल की। भाजपा और उसके सहयोगियों ने मिलकर बहुमत हासिल किया और केंद्र की योजनाओं तथा विकास मॉडल को जनता के बीच प्रमुखता से रखा। पुडुचेरी में एनडीए की सरकार बनने को दक्षिण भारत में भाजपा की बढ़ती राजनीतिक उपस्थिति के रूप में देखा जा रहा है।

इन चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की राजनीति तेजी से बदल रही है। कहीं क्षेत्रीय दलों का प्रभाव बढ़ रहा है तो कहीं राष्ट्रीय दल अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। तमिलनाडु में विजय की एंट्री, असम में भाजपा की लगातार जीत, केरल में कांग्रेस की वापसी और पुडुचेरी में एनडीए सरकार ने आने वाले राष्ट्रीय चुनावों के लिए भी नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है।