राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-नन्हें हौसलों का सम्मान

त्वरित ख़बरें - 61 बच्चे सम्मानित होंगे, मोदी कर रहे हैं बच्चों से बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' विजेताओं से बात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, पुरस्कार विजेताओं को डिजिटल सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। इन पुरस्कारों के लिए देशभर से 61 बच्चों काे चुना गया है। इसमें 32 बच्चों को पिछले साल के लिए और 29 बच्चो को इस साल PMRBP-2022 के लिए चुना गया है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी और राज्य मंत्री डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई भी जुड़े हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले मध्य प्रदेश के मास्टर अवि शर्मा से बात की। मोदी ने कहा- आप लेखक हैं, व्याख्यान देते हैं और आपने बालमुखी रामायण भी लिखी है। इतना काम कैसे कर पाते हैं, बचपन बचा है कि वो भी खत्म हो गया है।

इस पर अवि ने जवाब दिया कि सब भगवान राम की कृपा के आशीर्वाद से हो पा रहा है। साथ ही अवि ने यह भी कहा कि मोदी ही उनके प्रेरणास्रोत रहे हैं। अवि ने मोदी से कहा कि लॉकडाउन में जब हम बच्चे हताश हो गए थे तो आपने टीवी पर रामायण प्रसारित कराई। जब रामायण देखी तो लगा कि भगवान राम का चरित्र बच्चे भूलते जा रहे हैं। भगवान राम के आदर्श बच्चे इस रामायण से सीख सकें इसलिए मैंने यह रामायण लिखी है।

इसके बाद कर्नाटक की कुमारी रेमोना से बात करते हुए मोदी ने कहा- आपको और देश की बेटियों को बधाई देता हूं। रेमोना जी आपने 3 साल की उम्र से नृत्य की प्रैक्टिस शुरू की? कैसे प्रेरित किया?

रेमोना ने कहा कि मेरी मां बहुत चाहती थीं। उन्हें भारतीय नृत्य के बारे में कुछ पता नहीं था पर उन्होंने थोड़ा-थोड़ा बताया। इसके बाद मुझे लगा कि मुझे भी इसे सीखना है। रेमोना ने आगे कहा कि मेरे पिताजी नहीं है। मां को बहुत परेशानियां आती हैं। मैं और मेरे भाई के लिए शिक्षा बड़ी मुश्किल थी। मम्मी ने बहुत मेहनत करके डांस क्लास में डाला। ये सब देखकर मुझे लगता है कि मुझे भी मां का नाम और गुरुओं का नाम ऊंचा करना है।

बच्चों को दिए जाएंगे डिजिटल सर्टिफिकेट
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए PMRBP- 2022 के विजेताओं को डिजिटल सर्टिफिकेट देंगे। इसी समारोह में PMRBP-2021 के विजेताओं को भी सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। पिछले साल कोरोना की वजह से इन्हें सर्टिफिकेट नहीं दिया जा सका था। विजेताओं को सर्टिफिकेट देने के लिए पहली बार ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

जिला मुख्यालय से कार्यक्रम में शामिल होंगे बच्चे
इस समारोह में बच्चे अपने माता-पिता और संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट के साथ जिला मुख्यालय से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। ये पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में राष्ट्रपति देते हैं। प्रधानमंत्री हर साल पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत भी करते हैं।

बाल पुरस्कार विजेता हर साल गणतंत्र दिवस परेड में भी हिस्सा लेते हैं। हालांकि, कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से इस बार समारोह को वर्चुअली आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी और राज्य मंत्री डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई भी जुड़ेंगे।

5 से 17 साल उम्र के बच्चों को दिया जाता है पुरस्कार
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भारत में रहने वाले 5 से 17 साल के उन बच्चों को दिया जाता है। जिन्होंने नवाचार, शैक्षिक उपलब्धि, खेल, कला-संस्कृति, समाज सेवा और बहादुरी जैसे 6 क्षेत्रों में असाधारण प्रदर्शन किया हो। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को पदक और 1 लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

क्या है ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी
ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में ब्लॉक के मायने बहुत सारे डेटा ब्लॉक्स से है। इसके जरिए अलग-अलग ब्लॉक्स में डेटा को स्टोर किया जाता है, ये एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। इस वजह से डेटा की एक लंबी चैन बनती जाती है। नया डेटा आने पर उसे एक नए ब्लॉक में स्टोर किया जाता है।

एक बार जब ब्लॉक डेटा से भर जाता है तो इसे पिछले ब्लॉक से जोड़ दिया जाता है। इस वजह से किसी भी स्तर पर उस डेटा में बदलाव या छेड़छाड़ या डिलीट नहीं किया गया है। इसलिए ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी सुरक्षित मानी जाती है।