पेंड्री स्थित मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में बुधवार को कोविड संक्रमित तीन मरीजों की मौत हो गई। मरीज दूसरी गंभीर बीमारी से भी पीड़ित थे, जिन्हें आईसीयू में भर्ती रखा गया था। एक मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया था पर जान नहीं बच पाई। इधर शहर में कोविड संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
वहीं वार्ड क्रमांक 45 के रहवासी गोकुलनगर मुक्तिधाम में कोविड संक्रमितों के अंतिम संस्कार किए जाने का विरोध कर रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि नगर निगम की ओर से मुक्तिधाम में विकास कार्य कराने का वादा किया था पर एक भी काम नहीं कराया गया है। दूसरी ओर हर घर में सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीज मिल रहे हैं पर ज्यादातर सैंपलिंग नहीं करा रहे हैं। राहत की बात यह भी है कि कोविड संक्रमित मरीज पांच से छह दिन के भीतर ठीक हो जा रहे हैं। मरीज हाइपर कंडीशन तक नहीं पहुंच रहे हैं। इसलिए जिले में हर जगहोंं पर कोविड केयर सेंटर खोलने की अब तक जरूरत भी नहीं पड़ी है। मरीज घर पर ही इलाज करा रहे हैं।
किडनी में भी दिक्कत थी
पेंड्री अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मानव मंदिर चौक निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग को परिजनों ने 13 जनवरी को पेंड्री अस्पताल में भर्ती कराया था। तब मरीज का ऑक्सीजन लेवल 02/88 प्रतिशत था। किडनी, मेटाबोलिक एनस्लोपेथी एवं शुगर की बीमारी थी। वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पार्षद सहित वार्ड-45 के रहवासी हैं नाराज
वार्ड क्रमांक 45 के पार्षद गगन आइच ने बताया कि वार्ड स्थित मुक्तिधाम में कोविड से मृत व्यक्तियों का अंतिम संस्कार किया जाता है। विरोध करने पर निगम आयुक्त की ओर से वार्ड सहित मुक्तिधाम में विकास कार्य कराने आश्वासन दिया गया था। इस वजह से विरोध नहीं कर रहे थे पर आज तक यहां पर एक नींव तक नहीं रखी गई। इस वजह से वार्ड के लोग नगर निगम के अफसरों के रवैये से नाराज चल रहे हैं।
वेंटिलेटर में रखा गया था महिला को
इसी तरह शहर के राजीव नगर निवासी 62 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला को परिजनों ने 18 जनवरी को रात 8.35 बजे पेंड्री अस्पताल में भर्ती कराया था। बताया गया कि उक्त बुजुर्ग को एक सप्ताह से सांस लेने में तकलीफ थी। बुखार एवं खासी आ रही थी। महिला को आईसीयू में भर्ती करने के बाद रैपिड एंटीजन का सैंपल लेकर जांच की गई। पॉजिटिव आने पर महिला को तत्काल कोविड आईसीयू में शिफ्ट कर वेंटिलेटर में रखा गया पर मरीज को शुगर, ब्लड प्रेशर, ब्रेस्ट कैंसर, मल्टी आर्गन डिसफंक्शन, मेलेगनेंट, फ्लूरल एफ्यूमन यानी की फेफड़े में पानी भरे होने की समस्या थी।
जिले में सामुदायिक संक्रमण की स्थिति
जिले में कोविड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सामुदायिक संक्रमण की स्थिति बन चुकी है। शहर के हर गली-मोहल्ले से कोविड के मरीज मिल रहे हैं। सरकारी दफ्तर से लेकर हर संस्थानों में कोविड संक्रमित मिलने की पुष्टि हो रही है। कलेक्टोरेट परिसर में स्थिति कुछ विभागों में अधिकारियों के साथ ही कर्मचारी भी कोविड संक्रमित पाए गए हैं। इसके चलते विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। जिले में हर तीन से चार व्यक्तियों में एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है पर राहत की बात यह है कि मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ रही है। जिले में अब संक्रमण का खतरा बढ़ते जा रहा है। रोजाना संक्रमित मिल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र से भी केस सामने आ रहे हैं।
बुधवार शाम को बुजुर्ग ने दम तोड़ा
डॉक्टरों ने बताया कि उक्त मरीज ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ही ली थी। उपचार के बीच उक्त महिला ने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि इसी तरह छुईखदान क्षेत्र निवासी बुजुर्ग की भी बुधवार शाम को 5 बजे कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई। दो मृतकों का गोकुलधाम स्थित मुक्तिधाम में कोविड प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
975 मरीज घर पर ही इलाज करवा रहे
राहत की बात यह है कि जिले में ब्लॉक स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कोविड मरीजों के लिए अलग से बेड की व्यवस्था कराई गई है। वहीं मरीजों को सीधे ऑक्सीजन की जरूरत भी नहीं पड़ रही है। मरीज घर पर ही दवाइयां लेकर इलाज करा ले रहे हैं। जिले में 975 मरीज होम आइसोलेट हैं। रिकवरी की स्थिति भी बेहतर है। रोज 100 से ज्यादा मरीज ठीक होकर लौट रहे हैं। सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी का कहना है कि संक्रमण तेजी से फैल रहा है पर राहत यह है कि मरीज जल्द ठीक हो रहे हैं। हालांकि चिंताजनक स्थिति यह है कि कई लोग लक्षण के बाद भी सैंपलिंग नहीं करा रहे हैं। यह लापरवाही है।