जिले के कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफी तेज है। शहर के बाद अब ग्रामीण इलाकों में भी मरीज मिलने लगे हैं। जो प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। इसे देखते हुए अब जिला प्रशासन ने वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी की है। वैक्सीन की सेकंड और बूस्टर डोज के लिए जिले में 19 और 20 जनवरी को महाभियान चलाया जाएगा।
इसके तहत सेकंड डोज के सभी पात्र हितग्राहियों को गांव-गांव पहुंचकर वैक्सीन लगाई जाएगी। वहीं फ्रंट लाइन वर्कर्स को बूस्टर डोज दी जाएगी। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने वर्चुअल बैठक लेकर सभी अफसरों को अभियान को सफल बनाने और अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करने की बात कही। इसके अलावा कलेक्टर सिन्हा ने कहा कि कोविड संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। सभी को प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अधिक सचेत रहने की जरूरत है। जिले में कोविड-19 संक्रमण से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध है। उन्होंने लगातार व्यवस्था का जायजा लेते रहे की बात अफसरों की है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए जागरुक करने कहा।
अस्पतालों में सभी व्यवस्था दुरुस्त
अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड, दवाइयां, एम्बुलेंस सहित अन्य व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की सुविधा के लिए कोविड-19 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। गांव तथा शहरों में सर्विलेंस टीम के माध्यम से घर-घर जाकर सर्दी, खांसी, बुखार लक्षण वाले नागरिकों की पहचान कर दवाई उपलब्ध कराई जा रही है। हर हिस्से में पूरी गंभीरता से काम किया जाए। जहां भी लक्षण वाले लोग मिले उनकी तत्काल टेस्टिंग कराई जाए। कलेक्टर ने सभी कोविड केयर सेंटर में भी सुविधाएं बेहतर करने कहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन के सहयोग से डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन करें।
गंभीर मरीजों को करें रेफर: कलेक्टर
बैठक में अफसरों से कलेक्टर ने कहा कि आर्थिक गतिविधियां जारी रहना चाहिए। नागरिकों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए जागरूक करें। कोविड संक्रमित मरीजों के लिए कोविड केयर सेंटर तैयार किया गया है। संक्रमित मरीज की स्थिति गंभीर होने पर तत्काल हॉस्पिटल में रेफर करें। संक्रमण से बचने का टीकाकरण सबसे अच्छा उपाय है। जिले में कोविड टीकाकरण का पहला डोज शत प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। ग्राम पंचायतों में पहले ही इसकी मुनादी कराई जाए। जिन ग्रामों में टीकाकरण के लिए अधिक लोग छूटे हुए हैं उन ग्रामों की सूची बनाएं और वहां टीम भेजकर शत-प्रतिशत टीकाकरण पूरा करें।