ओलावृष्टि के बाद छलका किसान का दर्द

त्वरित ख़बरें - बोले- ब्याज पर पैसा लेकर फसल लगाई थी, बर्बाद हो गई; भरपाई नहीं हुई तो, आत्महत्या ही विकल्प

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में महज सप्ताह भर पहले मौसम ने करवट ली थी और पखांजुर- परलकोट इलाके में जमकर बर्फबारी हुई थी। आसमान से गिरी इस आफत ने किसानों की फसलों को जबरदस्त नुकसान पहुंचा। ऐसे में किसानों के सामने अब बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसी इलाके के एक किसान प्रेमानंद मंडल  जो कह रहे हैं कि मैंने अपने जीवन के 65 सालों में मौसम की ऐसी मार पहली बार देखी है। फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। यदि इसकी भरपाई नहीं हुई तो आत्महत्या ही एक मात्र विकल्प होगा।

                                                             ओलावृष्टि होने से किसानों की फसल बर्बाद हो गई।

किसान ने कहा कि, उन्होंने ब्याज में पैसे लेकर फसल लगाई थी। सोचा था इस साल कुछ आमदनी हो जाएगी, लेकिन आसमान से गिरे ओले ने पूरी मेहनत चौपट कर दी। किसानों का घर भी गया और सफल भी गई। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मौसम की वजह से किसानों को जो भी नुकसान हुआ है उसकी जल्द से जल्द भरपाई की जाए। ताकि आगे की जिंदगी किसान चला सके। किसानों की बहुत ही दयनीय स्थित हो गई है।

                                                       पखांजुर- परलकोट इलाके में जमकर बर्फबारी हुई थी।

मौसम विभाग ने प्रदेश में बारिश की दी थी चेतावनी
छत्तीसगढ़ मौसम विभाग ने दिसंबर माह के अंतिम दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की चेतावनी दी थी। साथ ही कई जगह ओलावृष्टि होने की बात भी कही थी। मौसम विभाग के इसी पुर्वानुमान के अनुसार ही बस्तर के कांकेर जिले समेत, राजधानी रायपुर और कुछ शहरों में बारिश हुई थी। मौसम के अचानक करवट लेने की वजह से कई जगहों पर किसानों को इसका बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है।