जयपुर में साइबर ठगों से रहें सावधान:

त्वरित ख़बरें - मोबाइल फोन पर एप डाउनलोडिंग व ओटीपी नंबर भेजकर ठगी की तीन वारदात, लाखों रुपए ऑनलाइन निकाले

जयपुर में साइबर ठगी के प्रकरण लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दूर दराज के शहरों में बैठे साइबर ठग ओटीपी नंबर भेजकर या फिर फर्जी कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव बनकर लोगों को झांसे में लेते है। कोई भी मोबाइल एप डाउनलोड करवाते है। फिर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर लोगों के खाते से मोटी रकम साफ कर लेते है। सोमवार को शहर के शास्त्री नगर, चित्रकूट और सोडाला थाने में साइबर ठगी के शिकार हुए पीड़ितों ने तीन मुकदमे दर्ज करवाए। इनमें एक व्यक्ति के खाते से चार लाख रुपए निकाले गए।

केवाईसी अपडेट करने के बहाने बैंक खाते से निकाले 4 लाख रुपए

ऑनलाइन ठगी की पहली वारदात सोडाला में आकाश गंगा अपार्टमेंट में रहने वाले 59 वर्षीय आशुतोष मुखर्जी के साथ हुई। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। जिसमें बताया कि केवाईसी अपडेट करने के नाम पर एक व्यक्ति ने खुद को बैंक का कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव बताया। उसने मदद के बहाने आशुतोष मुखर्जी को उनके मोबाइल फोन में एक रिमोट एप डाउनलोड करने को कहा। बातों में आकर पीड़ित ने मोबाइल में एप को डाउनलोड कर लिया। तब उनके मोबाइल पर एक ओटीपी आया।

इस ओटीपी को मोबाइल एप में डालने के बाद पीड़ित का मोबाइल साइबर ठगों ने रिमोट एक्सेस पर ले लिया। इसके बाद 26 दिसंबर से 28 दिसंबर के बीच ठगों ने पीड़ित के बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर कुल 4 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित को बैंक खाते से हुए लाखों रुपए के ट्रांजेक्शन के मैसेज मोबाइल फोन पर प्राप्त हुए। तब ठगी का पता चला। सोढाला थाने पहुंचकर केस दर्ज करवाया। पुलिस ने मोबाइल नंबर व ट्रांजैक्शन डिटेल के आधार पर जांच कर रही है।

केवाईसी अपडेट करने के बहाने बात कर खाते से 1.12 लाख रुपए निकाले
दूसरा मामला चित्रकूट थाने में दर्ज करवाया गया है। जहां विद्युत नगर में रहने वाले महेश चावला ने रिपोर्ट में बताया कि 20 से 22 दिसंबर के बीच एक व्यक्ति ने उनको फोन कर खुद को कोटक महिंद्रा बैंक में हेल्पलाइन का कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव से बोलना बताया। फोन करने वाले ठग ने महेश चावला से बातचीत कर केवाईसी अपडेट करने की बात कही।

बातों में फंसाकर पीड़ित से बैंक खाते से संबंधित जानकारी मांगी। पीड़ित ने जैसे ही बैंक संबंधित जानकारी फोन करने वाले व्यक्ति के साथ शेयर की। तभी उनके बैंक खाते से एक लाख रुपए की रकम ऑनलाइन दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गई। पीड़ित के मुताबिक उन्होंने बैंक को सूचना देकर तत्काल खाता ब्लॉक करने की बात कही। इसके बाद भी उनके पीएनबी के खाते से 24 दिसंबर को 11 हजार रुपए और 800 रुपए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर बदमाशों ने खाते से निकाल लिए। तब पीड़ित ने कई चक्कर लगाने के बाद चित्रकूट थाने पहुंचकर रिपोर्ट दी।

कुरियर कंपनी का एक्जीक्यूटिव बनकर एक्टिवेशन कोड पूछा
साइबर ठगी की तीसरी वारदात नेहरू नगर, पानीपेच में रहने वाले 22 वर्षीय कृष्ण शर्मा के साथ हुई। उसने शास्त्री नगर थाने में केस दर्ज करवाया है। जिसमें बताया कि एक व्यक्ति ने 15 व 16 दिसंबर को उसे फोन किया। खुद को एक कूरियर कंपनी के एक्टिवेशन डिपार्टमेंट का प्रतिनिधि बताया। शातिर ठग ने कृष्ण शर्मा से कूरियर सर्विस एक्टिवेट करने की बात कही। फिर मोबाइल पर आए एक्टिवेशन कोड को डिलीवरी ब्वॉय के नंबर पर फॉरवर्ड करने के लिए कहा।

इस पर पीड़ित ने मोबाइल पर आया हुआ कोड फॉरवर्ड कर दिया। कुछ देर बाद ही पीड़ित कृष्ण के बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन होना शुरु हो गया। शातिर साइबर ठगों ने पीड़ित के बैंक खाते में जमा दो लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर निकाल लिए। मोबाइल पर खाते से रुपए निकलने का मैसेज आने पर पीड़ित ने बैंक को सूचना दी। थाने पहुंचा। लेकिन पुलिस ने देरी से रिपोर्ट दर्ज की।