मध्यप्रदेश में 15 से 18 साल के किशोर और युवाओं के वैक्सीनेशन ने नया ट्रेंड दिखाया है। वैक्सीनेशन में हमेशा नंबर वन रहने वाला इंदौर इस बार बुरी तरह पिछड़ गया है। छतरपुर, सागर, देवास जैसे जिलों से भी कम वैक्सीनेशन यहां हुआ है। दोपहर डेढ़ बजे तक मिले आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वैक्सीनेशन 2 लाख पार हो गया है। टॉप पर छतरपुर है। यहां पर 30 हजार का टारगेट पर 14 हजार 9 सौ 55 को टीका लगा है।
भोपाल टॉप टेन में भी नहीं है। यहां 3740 टीनएजर्स को ही टीका लगा है, जबकि टारगेट 40 हजार है। जबलपुर-ग्वालियर में 5-5 हजार से ज्यादा बच्चों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। दोनों जगहों पर 40 हजार का टारगेट है। छिंदवाड़ा, शिवपुरी और धार में 7-7 हजार से जयादा बच्चों को डोज दिया गया है।
प्रदेश के ज्यादा वैक्सीनेशन वाले जिले
प्रदेशभर में पहले दिन करीब 7 हजार सेंटर पर 12 लाख डोज लगाने का टारगेट है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल के 7 नंबर स्थित सुभाष स्कूल में वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंचे। उन्होंने छात्र को वैक्सीन लगाने की हाथ पर सील भी लगाई। सीएम ने बच्चों के साथ सेल्फी पॉइंट पर सेल्फी भी ली।
गुना में 10वीं की छात्रा सुहानी (15) ने बताया कि कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, इसलिए बचाव जरूरी है। माता-पिता ने भी जल्दी टीका लगवा लिया था। उसने भी सबसे पहले पहुंचकर टीका लगवाया। वह टीका लगवाने के लिए काफी उत्साहित थी। सुबह से ही उसे टीकाकरण शुरू होने का इंतजार था। सुबह 9.30 बजे के बाद हायर सेकेंडरी स्कूलों पर बने सेंटर पर टीका लगना शुरू हो गया, जो शाम 5 बजे तक लगेगा।
भोपाल की नलखेड़ा पंचायत में 100% वैक्सीनेशन
भोपाल की नलखेड़ा ग्राम पंचायत में दोपहर 12 बजे तक 100% वैक्सीनेशन हो गया। यहां 15 से 18 वर्ष उम्र के कुल 41 बच्चे हैं, जिन्हें 3 घंटे में ही फर्स्ट डोज लगा दिया गया। इस तरह यह मध्यप्रदेश की पहली पंचायत बन गई, जहां पर सभी बच्चों को फर्स्ट डोज लगा दिया गया।
डीएम संदीप केरकेट्टा ने बताया कि महाअभियान के पहले दिन सोमवार को भोपाल के 250 स्कूलों में टीकाकरण प्रारंभ किया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा स्कूल में ही कोविन पोर्टल पर छात्रों और युवाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। उनको टीका लगाया जाएगा। अभियान के तहत अभिभावकों से अपील की गई है कि चयनित स्कूलों में अभिभावक बच्चों की उपस्थिति दर्ज कराएं। उनका टीकाकरण अवश्य करवाएं।