रूंगटा कॉलेज एजुकेशन ट्रस्ट के विरुद्ध आपराधिक धोखाधड़ी के अपराधिक प्रकरण दर्ज
भिलाई नगर / मनजीत कौर रिपोर्टिंग / अंबिकापुर के एक अधिवक्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट डी के सोनी ने बैंकिंग धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा लाखों का आयकर चोरी के संबंध में अपराधिक प्रकरण दर्ज करने हेतु रुंगटा कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी भिलाई एवं रूंगटा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रायपुर-संतोष रुंगटा समूह के संचालकों के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दुर्ग के न्यायालय में धारा 156(3) के तहत परिवाद प्रस्तुत किया है। रूंगटा समूह के संचालकों के खिलाफ बैंकिंग धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा लाखों का आयकर चोरी के संबंध में अपराधिक प्रकरण दर्ज करने के संबंध में थाना जामुल को शिकायत का आवेदन प्रस्तुत किया गया तथा शिकायत आवेदन दिया गया था। किंतु उस पर कोई जांच नहीं की गई। इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार के समक्ष आवेदन के साथ साथ तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को भी जानकारी दी गई थी। किंतु कहीं किसी प्रकार की जांच ना होने के कारण परिवाद प्रस्तुत किया गया है। स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय से प्राप्त एक सूचना के अनुसार मार्च 2018 में रुंगटा कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी भिलाई के कर्मचारियों को दी गई सैलरी शीट ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स शाखा रिसाली ( ब्रांच कोड 100536) की है। इस सैलरी सीट में दर्शाया गया अकाउंट नंबर फर्जी है। एवं शीट में अंकित बैंक की सील एवं सीनियर मैनेजर के हस्ताक्षर भी फर्जी है। कर्मचारियों का वेतन भी 40% बढ़ाकर बताया गया। जो कि गलत है। रुंगटा कॉलेज के प्रबंधक द्वारा उपरोक्त दस्तावेज बैंक के कर्मचारियों से मिलकर तैयार किया गया है।एक दस्तावेज से मिली जानकारी के अनुसार नई दिल्ली से तकनीकी मान्यता प्रदान करने वाली संस्था एआईसीटीई के आरटीआई पत्र क्रमांक AICTE/R/2019/52401 दिनांक 31/8/2019 से प्राप्त जून-जुलाई 2019 माह में रुंगटा कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी भिलाई के कर्मचारियों को दी गई सैलरी सीट है। यह सैलरी सीट एचडीएफसी बैंक दुर्ग शाखा की है।
कर्मचारियों को कम वेतन देकर दस्तावेजों में बढ़ाकर दिखाया जाना कर्मचारियों के साथ शोषण और मान्यता नियमों के उल्लंघन को साबित करता है और इनकम टैक्स की चोरी की गई है। इस पूरे आर्थिक अपराध मामले में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स एवं एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत होने की स्थिति साफ दिख रही है।
उक्त मामले में थाना प्रभारी जामुल एवं पुलिस अधीक्षक दुर्ग के समक्ष अपराधिक प्रकरण दर्ज करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था जिस पर कोई कार्यवाही नहीं होने के कारण शिकायतकर्ता डी०के० सोनी के द्वारा संस्था के प्रबंधको संतोष रुंगटा, सौरभ रुंगटा, सोनल रुंगटा और कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध धारा 156(3) के तहत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दुर्ग के न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया है।