20 दिसंबर को मतदान के बाद बनाए गए स्ट्रांग रूम में मतपेटियों को रखा जाएगा। वहीं 23 दिसंबर को मतगणना होगी। मतगणना के बाद चुनकर आने वाले पार्षद अपना अध्यक्ष व मेयर चुनेंगे। इसके बाद 27 दिसंबर को चारों निकायों का प्रथम सम्मेलन की तैयारी है।
हालांकि निर्वाचन आयोग ने इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन प्रारंभिग रूप से तिथि तय कर ली गई है। राजनीतिक पार्टियों से चर्चा के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना है। महापौर और सभापति का निर्वाचन एक साथ कराए जाने की तैयारी है। इसके बाद नई परिषद के मेयर व अध्यक्ष अपनी परिषद का विस्तार करेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी खेमलाल वर्मा ने बताया कि मतगणना के 15 दिनों के अंदर महापौर और सभापति का चुनाव करना होता है। संभव है 27 को प्रथम सम्मेलन हो जाए और इसी दिन चारों निकायों में महापौर और सभापति की घोषणा कर दी जाए।
नए साल में ने महापौर और सभापति पदभार ग्रहण कर सकते हैं। वैसे यह बहुमत दल पर भी निर्भर करता है। कुछ लोग शुभ मुहूर्त देखकर तारीख तय करते हैं। शर्त सिर्फ मतगणना के 15 दिन के भीतर प्रथम सम्मेलन और पदभार ग्रहण होना चाहिए। इसमें वार्ड से चुनकर आने वाले पार्षद अपने नेता का चयन करेंगे। निगम में मेयर व पालिका में अध्यक्ष का निर्वाचन होगा।