जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती, मासूम का इलाज अब फ्री में, तत्काल 20 हजार की सरकारी मदद

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दैविक की ओर अब जाकर प्रशासन ने ध्यान दिया। भजिया बेच कर घर चला रही महिला के 3 माह के पोते दैविक के दिल में छेद होने की खबर मिडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित की। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और दैविक व उनके परिवार से मुलाकात की।

कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बच्चे की दादी को ऑफिस लाने कार भेजी। जहां तत्काल 20 हजार रुपए की आर्थिक मदद की, अन्य सहायता के लिए निर्देश दिए। दैविक का इलाज शासन से निशुल्क करवाने और रोजगार के लिए एक हाथ ठेला देने का वादा किया। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चे को जांच के लिए जिला अस्पताल लेकर आई। आगे के इलाज के लिए एसएनसीयू में उसे भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य में सुधार होते तक जिला अस्पताल में, उसके बाद रायपुर में ऑपरेशन किया जाएगा।

समाजसेवी घर पहुंच रहे, मदद का भरोसा दिलाया
उनके पड़ोसी व गांव के ही कमलेश निषाद ने बताया कि पिला बाई का परिवार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है। उनके हालात ऐसे नहीं है कि वे रायपुर जा सके, कर्ज से लदे होने से जैसे-तैसे वे लोग गुजर-बसर कर रहे हैं, घर तक बेचने की तैयारी चल रही थी। लेकिन दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशन के बाद बच्चे के इलाज के लिए लोग आगे आए है, कलेक्टर खुद परिवार वालों से मिले हैं। भावना फाउंडेशन की टीम भी घर आई थी।

रायपुर की टीम से संपर्क कर रहे: सिविल सर्जन
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एसएस देवदास ने बताया कि डॉक्टरों की सतत निगरानी में बच्चे का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। बच्चा अभी यहीं भर्ती है, स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद ही रायपुर में ऑपरेशन किया जाएगा। बच्चे के पिता डामन लाल ने बताया कि उन्हें नए बस स्टैंड के एक गैरेज वाले ने पांच हजार रुपए का सहयोग प्रदान किया। वहीं बच्चे की मां के बैंक अकाउंट में गुंडरदेही के एक समाजसेवी ने पांच हजार रुपए डलवाया है।