दुर्ग जिले के चारों निकायों भिलाई, चरोदा, रिसाली निगम और जामुल पालिका से कुल 920 लोगों ने नामांकन जमा किया था। आवेदन पत्रों की शनिवार को स्क्रूटनी हुई। सभी निर्धारित सहायक रिटर्निंग अफसरों के कक्ष में यह स्क्रूटनी हुई। इसमें अलग-अलग कारणों से भिलाई से 2, रिसाली से 3, भिलाई-चरोदा से 1 उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया गया। इसमें किसी का जाति प्रमाण पत्र नहीं था, तो किसी ने दो स्थानों से नामांकन पत्र दाखिल किया था।
नामांकन दाखिल करने वालों में मुख्य राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, शिवसेना, जोगी कांग्रेस समेत अन्य शामिल हैं। बतौर निर्दलीय 388 लोगों ने नामांकन जमा किया। शेष भाजपा और कांग्रेस दल से नामांकन दाखिल किए हुए हैं। सोमवार 6 दिसंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी के लिए समय तय है। इसके बाद तुरंत चुनावी मैदान में राजनीतिक दलों और बतौर निर्दलीयों को चुनाव चिन्ह का आवंटन होगा। बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने जनसंपर्क भी शुरू कर दिया। इसके अलावा पार्टी कार्यालय भी खोल लिया।
अधूरे दस्तावेज की वजह से भिलाई नगर निगम में दो नामांकन निरस्त, आपत्तियों का निराकरण भी
अधूरे दस्तावेज होने की वजह से भिलाई नगर निगम के वार्ड 38 और 40 से एक-एक नामांकन रद्द किए गए हैं। दोनों उम्मीदवार निर्दलीय थे। वार्ड 38 से रविंद्र सिंह और 40 से धनेश्वरी का आवेदन अपूर्ण दस्तावेज होने की वजह से रद्द किया गया। आवेदन को निरस्त करने के दौरान आपत्ति भी मंगाई गई। आपत्तियों के निराकरण के आधार पर नामांकन फार्म निरस्त किए जाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
रिसाली में तीन के नामांकन रद्द किए, बी-फॉर्म भी जमा
आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी के बाद तीन लोगों के नामांकन अधूरे दस्तावेज की वजह से रद्द किए गए। वार्ड-32 की निर्दलीय उम्मीदवार हेमिन चतुर्वेदी के दस्तावेज अधूरे थे। इसी तरह वार्ड-3 की प्रत्याशी अंजू यादव के सारे पेपर्स नहीं होने की वजह से नामांकन निरस्त किया गया। वार्ड-7 के विश्वजीत सिंह ने दो स्थानों से नामांकन दाखिल किया था। उनका एक आवेदन अधूरे दस्तावेज की वजह से रद्द किया गया। पार्टियों ने बी-फॉर्म भी जमा किया।
दो वार्डों से किया था आवेदन, एक का आवेदन हुआ निरस्त
भिलाई-चरोदा निगम के वार्ड -33 और वार्ड 37 से भाजपा से दावेदारी करते हुए गुलशन ढिंढे ने नामांकन जमा किया। हालांकि पार्टी ने यहां से कमल तांडी को अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया। वार्ड -33 से उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया और चुनाव आयोग की वेबसाइट में दिक्कतें होने की वजह से वार्ड -37 के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाए, लेकिन उसकी हार्डकॉपी जमा कर दी थी। हालांकि फार्म लेने वाले अधिकारियों ने उनसे कह दिया था कि ऑनलाइन जमा नहीं होने की वजह से उनका वार्ड -37 का आवेदन निरस्त कर दिया गया।