जिले के चार निकायों भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा, जामुल में होने वाले वार्ड चुनाव को लेकर प्रत्याशी तय हो गए। 170 वार्डों के लिए 914 प्रत्याशी इस समय मैदान में हैं। 6 दिसंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी का अंतिम दिन है। इधर राजनीतिक पार्टियों के मनाने का दौर जारी है। इन सबके बीच मिडिया ने प्रत्याशियों की संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले।
इसमें 10 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनके खिलाफ कोर्ट में आपराधिक मामले विचाराधीन हैं। इसमें 6 मामले में भिलाई के वार्डों में उतरे प्रत्याशियों के हैं। इसके अलावा 15 प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि है। हालांकि उनके पूर्व लंबित मामलों में उन्हें दोषमुक्त किया जा चुका है। संपत्ति के मामले में भिलाई के वार्ड-7 से प्रत्याशी रमेश श्रीवास्तव करोड़पति हैं। सबसे ज्यादा संपत्ति उनके पास है। करीब 1.50 करोड़ है। 10 प्रत्याशी करोड़पति की सूची में शामिल हैं। शनिवार को स्क्रूटनी के दौरान रिसाली निगम में वार्ड 3 से अधिकृत प्रत्याशी अंजू यादव का नामांकन खारिज हो गया। उन्होंने एमपी का जातिप्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। इसे अमान्य किया गया। बीजेपी ने दूसरी प्रत्याशी लक्ष्मी चंदा के नाम पर बी-फॉर्म जमा किया। वार्ड 32 नेवईभाटा से हेमिन चतुर्वेदी का नामांकन खारिज हुआ।
तीन पूर्व पार्षदों के खिलाफ कोर्ट में मामले अब भी लंबित
भिलाई निकाय में 3 पूर्व पार्षदों के खिलाफ अब भी कोर्ट में मामले लंबित हैं। पिछले कार्यकाल में इनकी संख्या चार थी। जबकि 9 प्रत्याशी ऐसे हैं, जो आपराधिक पृष्ठभूमि से आते हैं। पूर्व में उनके खिलाफ अपराध दर्ज हुए, लेकिन बाद में कोर्ट से दोषमुक्त भी हो गए। लंबित मामलों में शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट जैसे अपराध शामिल हैं। इसी तरह रिसाली निगम और जामुल पालिका दो-दो समेत भिलाई-चरोदा के एक प्रत्याशी के खिलाफ भी अपराध दर्ज हैं। भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा निगम और जामुल पालिका में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं। लेकिन इसमें से करीब 50 फीसदी से ज्यादा यानी 8 उम्मीदवार ऐसे भी हैं, जिनके खिलाफ पहले शहर के अलग-अलग थानों में मारपीट समेत अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज थे। लेकिन न्यायिक ट्रायल के बाद उन्हें दोष मुक्त करार दिया गया है।