वित्त वर्ष समाप्त होने को भले ही अभी चार महीने बाकी हो, लेकिन बीएसपी के टाउनशिप प्रबंधन ने राजस्व वसूली तेज करने की तैयारी शुरू कर ली है। इसके लिए अलग-अलग चरणों बड़े बकायादारों को निशाने पर रखा गया है। शुरुआत उन उपभोक्ताओं से की जा रही है जिनका बिजली, पानी और सफाई का बकाया बिल 50 हजार से अधिक हो चुका है। ऐसे बकायादारों के घरों के बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे।
प्रबंधन के सामने बकाया वसूलने की बड़ी चुनौती लीजधारियों को लेकर है। क्योंकि इन्हें किराया भुगतान नहीं करना होता। इन्हें हर महीने केवल बिजली, पानी और सफाई का बिल ही जमा करना होता है। पहले फेज में ऐसे करीब 200 उपभोक्ताओं की पहचान की गई है। अगले एक दो दिनों में कार्रवाई शुरू होगी। शुरुआत से 1 से की जाएगी।
काउंसिलिंग के 3 माह बाद भी नहीं किया जमा
बड़े बकायादारों से वसूली को लेकर टाउनशिप प्रबंधन काफी पहले ही सक्रिय हो गया था। बीते तीन महीने से राजस्व का अमला बकायादारों की काउंसिलिंग कर बकाया बिल का भुगतान करने के लिए समझाइश दे रहा था। इसका कुछ नतीजा भी सामने आया लेकिन बड़ी संख्या में अभी भी उपभोक्ताओं ने बकाया का भुगतान करने को लेकर रूचि नहीं दिखाई। अब प्रबंधन कार्रवाई करेगा।
हर साल दो करोड़ रुपए रह जाता है पेंडिंग
उपभोक्ताओं द्वारा बिजली बिल का नियमित भुगतान नहीं किए जाने से हर साल करीब दो करोड़ रुपए का भुगतान पेंडिंग रह जाता है। वहीं खुर्सीपार और कैंप एरिया में प्रबंधन के मकानों में अवैध कब्जा भी परेशानी का बड़ा कारण बना हुआ है। बताया गया कि अवैध कब्जेधारियों की वजह से ही बीएसपी को हर साल डेढ़ करोड़ का नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसके चलते अब कार्रवाई होगी।
बिल का अनियमित वितरण भी भुगतान में बना रोड़ा
तीन महीने पहले टाउनशिप में किराया और बिजली, पानी, सफाई के बिल का वितरण का काम नई एजेंसी को दिया गया है। उसके बाद से बिल का वितरण नियमित नहीं होने की शिकायतें बढ़ी है। बावजूद प्रबंधन की ओर से इस दिशा में कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी तरह उपभोक्ताओं के मोबाइल में भी मैसेज भेजा जा रहा है।
लीज नवीनीकरण नहीं अटके 22 करोड़ रुपए
लीजधारियों से भी प्रबंधन को 32 करोड़ वसूलना है। इनमें 10 करोड़ तो उन लीजधारियों से वसूला जाना है जिनका लीज रेग्युलर है। इनमें शाप और मकान आवंटी दोनों शामिल है। इसके अलावा 22 करोड़ लीज नवीनीकरण नहीं हो पाने की वजह से अटका हुआ है। इनमें ज्यादातर लीजधारी न्यू सिविक सेंटर से हैं। जिनका प्रबंधन के साथ लीज की राशि को लेकर विवाद चल रहा है। मामला लंबित होने की वजह से प्रबंधन ने इनके खिलाफ कार्रवाई रणनीति नही बनाई है। लेकिन बकाया होने से प्रबंधन को राजस्व का लगातार नुकसान हो रहा है।
रिटेंशनधारियों से प्रबंधन को मिली राहत
बीएसपी प्रबंधन ने रिटेंशनधारियों के मकान को 64 गुना से घटाकर 32 गुना कर दिया। प्रबंधन के इस फैसले ने नगर सेवा विभाग को बड़ी राहत दी है। किराया में आधी छूट मिलने के बाद रिटेंशनधारी किराए का भुगतान कर रहे हैं। अभी तक पांच करोड़ रुपए वसूला जा चुका है जो 64 गुना किराया किए जाने के बाद से लंबित था। इसके अलावा रिटेंशनधारियों में प्रबंधन के 400 वर्गफुट के मकानों को लाइसेंस पर लेने को लेकर भी उत्साह देखने को मिल रहा है। भुगतान होने से राजस्व का खजाना भी बढ़ रहा है।