वरिष्ठ मंत्री सिंहदेव पर सनसनीखेज आरोप, जाने पूरा मामला !!

त्वरित ख़बरें:-रामानुजगंज के कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह ने अपनी ही सरकार के वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंहदेव पर सनसनीखेज आरोप लगाए। शनिवार को उनके काफिले पर हमला हुआ था और................

रामानुजगंज के कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह ने अपनी ही सरकार के वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंहदेव पर सनसनीखेज आरोप लगाए। शनिवार को उनके काफिले पर हमला हुआ था और रविवार को 20 विधायकों के साथ मीडिया के सामने आकर कहा कि सिंहदेव महराजा हैं, वे मेरी हत्या करवा सकते हैं। इससे पहले उन्होंने अपने निवास में कांग्रेस विधायकों के साथ मंत्रणा भी की।

सीएम भूपेश बघेल व प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया से शिकायत के अलावा बृहस्पत ने सोनिया गांधी को पत्र भी लिखा है। वहीं इस पूरे मामले में टीएस सिंहदेव ने कहा कि भावनाओं में आकर उन्होंने ऐसी बात कही होगी। हो सकता है उनके मन में कहीं काेई बात आ गई होगी तो बातचीत कर उसे हल किया जा सकता है। क्योंकि छत्तीसगढ़ में अपने आप को मैं जितना नहीं जानता, उससे ज्यादा मुझे यहां के लोग जानते हैं।

इधर, विधायक के काफिले पर हमले के मामले में पुलिस ने लुंड्रा जनपद उपाध्यक्ष तथा कांग्रेस से ही जुड़े सचिन सिंहदेव समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया, लेकिन बृहस्पत के बयान से पार्टी की राजनीति गरमा गई और उनके निवास पर पार्टी के 20 विधायक जुट गए। बृहस्पत सिंह ने यह भी कहा कि मैंने सीएम भूपेश बघेल के अच्छे काम की तारीफ की थी, शायद यह बात टीएस सिंहदेव को पसंद नहीं आई, इसलिए यह हमला हुआ। इसकी शिकायत पत्र के माध्यम से राहुल गांधी से की है और प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और सीएम भूपेश बघेल से मिलकर सिंहदेव को मंत्री पद से हटाने की मांग भी करूंगा।

  • 20 विधायकों के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर लगाए आरोप
  • सोनिया गांधी को पत्र, राहुल से मिलने का मांगा समय
  • पुनिया ओर सीएम भूपेश से मिलकर टीएस की शिकायत

हमले के तीन आरोपी गिरफ्तार
बृहस्पत सिंह शनिवार को बलरामपुर से रायपुर के लिए निकले। उनका काफिला रामानुजगंज में जैसे ही चौक के पास पहुंचा, लुंड्रा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सचिन सिंहदेव ने पीएसओ की गाड़ी ओवरटेक कर रोकी और विवाद शुरू हो गया। लेकिन तब तक विधायक का काफिला सर्किट हाउस पहुंच गया था। इसके तुरंत बाद विधायक सिंह अपने समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंच गए। सूचना पर आईजी रतनलाल डांगी और एसपी अमित कांबले भी थाने पहुंचे और थाने में रात तक जबर्दस्त गहमागहमी रही। पुलिस के मुताबिक पीएसओ वाहन के ड्राइवर सुदर्शन सिंह की रिपोर्ट पर सचिन सिंहदेव, सोनू उर्फ संदीप रजक व धन्नू उरांव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सचिन को वीरभद्र सिंह के नाम भी जाना जाता है और वे लुंड्रा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष के साथ किसान कांग्रेस सरगुजा के जिलाध्यक्ष हैं। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।