मौसम -: पिछले 24 घंटे में हुई 83.4 मिमी बारिश 49 साल का रिकार्ड टूटा, जिले में अगले दो दिन और हो सकती है बारिश

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खाड़ी से आ रही नमी ने ट्विनसिटी में नवंबर महीने में 24 घंटे के भीतर हुई सर्वाधिक बारिश का 49 साल पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है। वर्ष 1972 में 26 नवंबर को 59.6 मिमी बारिश हुई थी, जो अब तक नवंबर महीने में दिन और रात मिलाकर हुई सर्वाधिक बारिश का रिकार्ड था। 22 नवंबर 2021 को हुई बारिश ने इस रिकार्ड को तोड़ दिया है। रविवार शाम 5.30 से सोमवार सुबह 8.30 तक 70.2 मिमी और सोमवार सुबह 8.31 से शाम 5.30 तक 13.2 मिमी बारिश हुई है।

साथ ही एक और अनोखा रिकार्ड बना है। पिछले साल यानी 22 नवंबर 2020 को 17.4 मिमी बारिश हुई थी और इस साल भी यानी 22 नवंबर 2021 को भी बारिश हुई है। इस तरह लगातार दो साल से 22 नवंबर को ट्विनसिटी में बारिश होने का रिकार्ड बना है। वैसे वर्ष 2020 में 22 नवंबर को हुई बारिश पिछले 10 साल में सबसे अधिक बारिश का रिकार्ड था। इस रिकार्ड को भी रविवार और सोमवार को हुई बारिश ने तोड़ दिया है। हालांकि नवंबर माह में हुई सर्वाधिक बारिश का रिकार्ड बना हुआ है।

  • 1972 में 26 नवंबर को 59.6 मिमी बारिश हुई थी, विजिबिलिटी भी थी कम
  • बारिश से धान की खड़ी व कोठार में पड़ी फसल और सब्जियों को नुकसान

विजिबिलिटी सुबह साढ़े 6 बजे करीब 1100 मीटर रही
खाड़ी से आ रही नमी की वजह से रात ढाई बजे मौसम ने करवट बदली और गरज-चमक के साथ दुर्ग-भिलाई में जोरदार बारिश होने लगी। यह सिलसिला सुबह 6.30 तक चलती रही। इस दौरान उथले स्थानों पर पानी भी भर गया। कोहरे की भी स्थिति बनी रही। इस दौरान विजिबिलिटी 1100 मीटर रही। इसकी वजह से सुबह घर से बाहर निकले लोगों को भारी दिक्कतें हुईं। आमतौर पर पीआरओ से मेनगेट स्पष्ट दिखता है, लेकिन कोहरे की वजह यह नजर नहीं आ रहा था।

सोमवार को दिन का पारा 6.8 मिलीमीटर लुढ़का
लगातार हुई जोरदार बारिश की वजह से सोमवार को अधिकतम तापमान में 6.8 डिग्री की गिरावट आई। रविवार को दिन का तापमान जहां 33.2 डिग्री के साथ सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक था, वहीं सोमवार को यह 26.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मौसम में आए परिवर्तन का रात के तापमान में कोई फर्क नहीं पड़ा। न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री था तो सोमवार को 20.4 डिग्री रहा। यह सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा।

धान की खड़ी फसल और सब्जियों को नुकसान
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के संचालक डॉ. जीके दास ने बताया कि इस बारिश से लेट वेरायटी वाले धान की खड़ी फसल, खेतों में काटकर रखी फसल, खलिहान में मिंजाई के लिए रखे धान को नुकसान हुआ है। साथ ही सब्जियों की खेती को भी यह प्रभावित करेगा। बदली यदि दो-तीन दिन और रही तो इससे फसलों में कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है। यह बारिश रबी की फसलों के लिए फायदेमंद है।

पाटन और धमधा में 400 एकड़ की फसल को नुकसान, कृषि विभाग ने नए सिरे से शुरू किया सर्वे
बीती रात हुई जोरदार बारिश से पाटन, धमधा और दुर्ग ब्लाक की करीब 4 हजार क्विटंल धान की फसलों के भीगने का अनुमान है। खेतों और खलिहानों में पानी भरा है। खड़ी फसलें जमीन पर लोट गई हैं। धान की बालियां झड़ गई हैं। खम्हरिया, तरीघाट, सोनपुर, सिपकोंहा, डंगनिया, भंसुली और पथरिया सरगांव समेत अन्य गांवों के किसानों का कहना है कि टमाटर, भंटा और गोभी की फसल बर्बाद हो गई है। 400 एकड़ में धान की फसल कटी नहीं थी।

सेहत पर असर: सर्दी खांसी के मरीज बढ़ने की आशंका
फिजिशियन डॉ. एचके गोवर्धन ने कहा कि मौसम मे आए बदलाव से सर्दी और जुकाम के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। विंटर वायरल के भी मरीज मिल सकते हैं। बच्चों को इससे अधिक नुकसान की संभावना है। उन्हें हमेशा गर्म कपड़े पहना कर रखना होगा। साथ ही ठंडी हवाओं से बचने के लिए लोगों को गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना होगा। पीने के लिए उबले हुए पानी का उपयोग करना अच्छा होगा।

आगे क्या: मंगलवार को भी है बारिश के आसार
रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक हरिप्रसाद चंद्रा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से नमी आने का सिलसिला चल रहा है। यह अपने साथ स्थानीय सिस्टम को भी एक्टिव कर रहा है। इसके कारण मंगलवार को भी ट्विनसिटी समेत आसपास के स्थानों पर रिमझिम फुहार या फिर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। पानी गिरने के कारण दिन और रात के तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा। दो दिन बाद मौसम खुलेगा।