महापौर और वार्ड आरक्षण की याचिका पर हाईकोर्ट में सोमवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। न्यायिक कार्य शुरू होने के बाद बैंच ने पहले कम समय में सुनवाई वाले प्रकरणों की पहले सुनवाई की। इसके चलते शाम तक याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की ओर से उच्च न्यायालय से निर्वाचन आयोग की बैठक हवाला देते हुए आचार संहिता की घोषणा पर स्टे लगाने की मांग की।
रिसाली निगम के महापौर और भिलाई निगम के सात वार्डों के आरक्षण पर हाईकोर्ट में दायर की याचिका पर अंतिम फैसला आना है। इसके चलते न्यायालय ने 15 नवंबर को निर्णय के लिए तारीख तय की थी। लेकिन उसके बाद से प्रकरण में किसी न किसी वजह से सुनवाई टलती जा रही है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता वरुण शर्मा ने बताया कि प्रकरण में सुनवाई के लिए 22 तारीख का मैसेज भेजा गया। लेकिन डेली सुनवाई लिस्ट और सप्लीमेंट्री लिस्ट में प्रकरण को नहीं रखे जाने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। इसके लिए कोर्ट ने तर्क दिया कि अंतिम सुनवाई वाले प्रकरणों में ज्यादा लगेगा। इसकी वजह से मोशन हियरिंग को पहले सुनवाई करने का फैसला लिया। मंगलवार को निर्वाचन आयोग की बैठक की सूचना पर हाईकोर्ट में अंतरिम रिलीफ देते हुए स्टेट लगाने की मांग की गई है। इस पर मंगलवार को हाईकोर्ट सुनवाई करेगा।