रावघाट एरिया में माइनिंग से जुड़ी गतिविधियां जैसे-जैसे बढ़ रही है, नक्सलियों ने भी दबाव बनाना शुरू कर दिया है। नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अपनी दो और बटालियन को क्षेत्र में तैनात करने का निर्णय लिया है। क्षेत्र में फोर्स की दो बटालियन पहले ही तैनात है। बीएसएफ के आईजी एसके त्यागी ने बताया कि रावघाट एरिया में माइनिंग के साथ-साथ रेल ट्रैक तैयार करने का काम जारी है।
इसे देखते हुए नक्सली गतिविधियां भी बढ़ रही है। ऐसे में उनसे निपटने के लिए बीएसएफ ने भी योजना के मुताबिक काम करना शुरू कर दिया है। नक्सली मूवमेंट वाले इलाके में तीन नई चौकियां स्थापित की गई है। वहीं और भी नई चौकियां खोलने की योजना है। इसके अलावा कांकेर में बीएसएफ की 8 बटालियन तैनात है। इनमें दो बटालियन रावघाट माइंस एरिया में मोर्चा संभाले हुए है। रावघाट में पेड़ों की कटाई हुई शुरू: रावघाट इलाके में नक्सली चेतावनी की वजह से पेड़ों की कटाई का काम लंबे समय से अटका हुआ है। फोर्स की तैनाती के बाद इस कार्य ने गति पकड़ी है। इसके अलावा अंजरेल के जिस हिस्से से आयरन ओर की माइनिंग की जानी है, वहां बैरक तैयार हो गए हैं। वहां भी फोर्स की तैनाती है।
बीएसपी के जवानों ने 12 साल में मारे 18 नक्सली
बीएसएफ 2009 से कांकेर के नक्सल प्रभावित इलाके में तैनात हैं। तब से अब तक 18 नक्सली मारे जा चुके हैं। वहीं 1079 नक्सलियों की गिरफ्तार और 102 हार्डकोर नक्सलियों को आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इसके अलावा 489 से अधिक आईईडी की बरामदगी की।
बीएसएफ ने आदिवासी अंचल में खोले 62 स्कूल
बीएसएफ ने आदिवासी अंचल में शिक्षा, स्वास्थ और सामाजिक गतिविधियों को संचालित करने के लिए सुविधाएं मुहैया कराने पर भी काम कर रही है। इलाके में अब तक वह 62 स्कूल खोल चुकी है। इसके अलावा 16 अस्पताल और 103 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कराया। 22 पंचायत भवन और 19 कम्युनिटी हाल तैयार किए गए। साथ ही कलवट, छोटे पुल और सड़क निर्माण कार्य में भी बीएसएफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इन क्षेत्रों में आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जा रही है।