बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। कार्तिक इन दिनों अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धमाका के चलते सुर्खियों में हैं जिसमें वह एक जर्नलिस्ट की भूमिका में नजर आ रहे हैं। वैसे, बॉलीवुड में कार्तिक 10 साल गुजार चुके हैं। उन्होंने 2011 में फिल्म 'प्यार का पंचनामा' से डेब्यू किया था और उसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह सेल्फ मेड स्टार हैं और बॉलीवुड में उन्होंने किसी गॉडफादर नहीं बल्कि अपने टैलेंट के दम पर जगह बनाई है।
अब 20 करोड़ ले रहे फीस
कभी एक विज्ञापन में काम करके 1500 रुपए पाने वाले 31 साल के कार्तिक यंग जनरेशन के सबसे फेवरेट स्टार्स में से एक हैं। लॉकडाउन के दौरान अपनी फिल्म 'धमाका' की शूटिंग उन्होंने 10 दिन में पूरी की। इस फिल्म में काम करने के कार्तिक ने 20 करोड़ रुपए चार्ज किए।
एक इंटरव्यू में कार्तिक ने अपने बॉलीवुड में अपने स्ट्रगल पर बात की थी। उन्होंने कहा था, 'मैंने अपने सपनों के बारे में मम्मी-पापा को नहीं बताया था। वो मुझे सपोर्ट नहीं कर पाते, चाहे वो दिमाग से हो या फाइनेंशियल। ग्वालियर से मुंबई आना ही एक स्ट्रगल था। घरवालों की नजर में मुंबई में पढ़ाई कर रहा था, जबकि असल में यहां स्ट्रगल कर रहा था।'
'आज तक काफी रिजेक्शन मिले, कोई कनेक्शन नहीं था'
कार्तिक ने कहा, 'शुरुआत से आज तक रिजेक्शन काफी मिले। कोई कनेक्शन नहीं था। आउटसाइडर भी हूं। मैं किसी को जानता नहीं था। मुझे ऑफर भी नहीं आ रहे थे। सब कुछ खुद ही करना पड़ता था लेकिन मुझे मेरे स्ट्रगल पर गर्व है। आज जो भी हूं मैंने खुद बनाया है। किसी पर डिपेंड नहीं रहा।'
सोशल मीडिया पर तलाश करता था ऑडिशन'
कार्तिक ने आगे कहा था, 'शुरुआत में फेसबुक, गूगल पर ऑडिशन की तलाश करता था। उसी से जानकारी मिलती थी। ढाई से तीन साल बाद 'प्यार का पंचनामा' मिली। कई बार तो फिल्म के ऑडिशन के बारे में पता नहीं चलता था। मुझे जो पहला एड मिला उसके लिए 1500 रुपए मिले थे। वो मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। 'प्यार का पंचनामा' के बाद फिर एक खराब दौर आया। एक फिल्म फ्लॉप हुई। इसके बाद अब कुछ अच्छी फिल्में कर रहा हूं। इस पूरे सफर का जो सार है उससे लगता है की सक्सेस से ज्यादा नाकामयाबी ने मुझे सिखाया है। मैं कभी नहीं सोचता हूं कि पिछली तीन फिल्में हिट हुई हैं तो अगली तीन भी हिट होंगी। वो कुछ पक्का नहीं है।
'आउटसाइडर्स में पेशेंस बहुत जरूरी है'
कार्तिक ने कहा- आप में टैलेंट हो तो कोई दिक्कत नहीं है। मुझे लगता है कि आउटसाइडर्स में पेशेंस बहुत जरूरी है। क्योंकि कई बार बहुत अकेला लगता है। लेकिन ऐसा है नहीं। कोई भी किसी भी पोजीशन पर हो वो भी अकेला फील करता है। कोई करे या न करे आपको खुद पर विश्वास रखना जरूरी है।
'मां को कार गिफ्ट करना सबसे खास पल'
कार्तिक ने कहा था कि अपनी मां को मिनी कूपर कार गिफ्ट करना लाइफ में सबसे खास रहा। जिसे मैं ही चलाता हूं। उन्होंने ये कार एक अवॉर्ड शो के दौरान देखी थी। उन्होंने कहा था कि ये बहुत क्यूट गाड़ी है। तब से दिमाग में था कि वो कार लेनी है। इसलिए जन्मदिन पर उन्हें गिफ्ट की। लेकिन ज्यादा मैं ही चलाता हूं। कार्तिक ने बताया कि ग्वालियर में उनके पास बजाज का स्कूटर था। वह उसे चलाया करते थे।