वनांचल ग्राम औंधी में एक सरकारी डॉक्टर और थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगे हैं। सर्पदंश से मौत के बाद पीएम रिपोर्ट बनाने के लिए एक डॉक्टर ने मृतक के भाई से रुपए मांगे, जिसका सौदा औंधी थाना प्रभारी ने किया है। मृत युवक के परिवार को मिले मुआवजा राशि में अपना हिस्सा फिक्स करने थानेदार और डॉक्टर ने ऐसी हरकत की है। शिकायत है कि दोनों ने मिलकर पीड़ित से एक लाख 5 हजार रुपए पहले ही ले लिए हैं, अब और रुपए की डिमांड की जा रही है।
बागडोंगरी में रहने वाले तिलक यादव ने बताया कि उसके छोटे भाई कार्तिक यादव की 3 मार्च को सर्पदंश से मौत हो गई। परिजन उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां मौत की पुष्टि के बाद शव का पीएम औंधी में पदस्थ डॉ.यशपाल सुमन ने किया। पीएम के कुछ देर बाद ही औंधी थाने के प्रभारी तारण दास डहरिया ने उन्हें बुलाया। पीएम रिपोर्ट बनाने के लिए डॉक्टर को एक लाख रुपए देने की बात कही। तिलक ने बताया कि तब उसके पास इतनी रकम नहीं थी, लेकिन थानेदार डहरिया ने जल्द रुपए देने पर ही रिपोर्ट बनने की बात कही। लगातार धमकाने और दबाव बनाने की वजह से पीड़ित का पूरा परिवार दहशत में है। तिलक ने इसे लेकर न्याय किए जाने की गुहार लगाई है।
डॉक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र में की पिटाई जान से मारने की धमकी दी: तिलक
तिलक ने बताया कि कुछ दिन पहले डॉ. सुमन बागडोंगरी के उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। जहां उन्होंने स्टाफ को भेजकर उसे केंद्र में बुलवाया। तिलक ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ डॉ. सुमन से मिलने पहुंचा। जहां डॉक्टर ने फिर उससे रकम की मांग की। तिलक ने जब डॉक्टर को पहले ही 50 हजार रुपए देने की बात कही तो डॉ. सुमन ने केंद्र में ही उससे मारपीट की। वहीं पूरे परिवार को जहरीला इंजेक्शन लगाकर खत्म कर देने की धमकी दी। इसके बाद उसने मामले की शिकायत करने की ठानी।
शिकायत करने पर डॉक्टर व थाना प्रभारी देते थे देख लेने की धमकी
डॉक्टर और थाना प्रभारी की करतूत तिलक ने अपने गांव के प्रमुखों को भी बताई। मामला सार्वजनिक होने की भनक औंधी प्रभारी डहरिया को भी लग गई। तिलक ने बताया कि इसके बाद से थाना प्रभारी रोज उनके घर सिपाही भेज रहे हैं। रात-रात तक पुलिस के जवान उसके घर आते हैं, जो कहीं भी शिकायत नहीं करने की धमकी दे रहे हैं। तिलक ने बताया कि थाना प्रभारी ने धमकी दी है कि अगर उनका तबादला हुआ तो उनकी जगह पर आने वाला प्रभारी तिलक और उसके परिवार को नहीं छोड़ेगा। परिवार डरा हुआ है।
अब एक लाख अतिरिक्त मांग रहे घर में रोज सिपाही भेज रहा थानेदार
तिलक ने एएसपी को किए अपनी शिकायत में बताया कि मुआवजा मिलने की जानकारी के बाद डॉक्टर और थानेदार ने एक लाख रुपए और देने के लिए फिर दबाव शुरू कर दिया है। इसके लिए उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। थाने से रोज उसके घर में सिपाही में भेजा रहा है। वास्तविक रिपोर्ट बनाने के लिए पहले ही डॉक्टर और थानेदार ने एक लाख रुपए मांग लिए अब अतिरिक्त राशि की मांग कर उसे मानसिक रुप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
एएसपी से की शिकायत में बताया बच्चों के साथ खेतों में बिता रहा रात
पीड़ित तिलक यादव रविवार को मानपुर पहुंचे। उन्होंने एएसपी पुपलेश पात्रे व एसडीओपी हरीश पाटिल से पूरे मामले की शिकायत की। पीड़ित राजनांदगांव पहुंचकर भाजपा जिलाध्यक्ष मधुसूदन यादव से भी मुलाकात की। पीड़ित ने बताया कि पुलिस की प्रताड़ना और रोज घर में सिपाही आने की वजह से वह डर चुका है, मजबूरी में वह अपने बच्चों के साथ खेतों में रात बिता रहा है। इस दौरान तिलक के साथ पूर्व जिला पंचायत सदस्य कंचन माला भुआर्य, भानूराम रावटे, सांसद प्रतिनिधि राजू टांडिया, संतोष पोटपड़िया, बिरजू राम नेताम मौजूद रहे।
रिश्तेदार से 50 हजार रुपए उधार लिए
तिलक ने बताया कि करीब 20 दिन बाद उसने अपने रिश्तेदार से 50 हजार रुपए उधार लिए, जिसमें से 48 हजार रुपए औंधी थाना पहुंचकर थाना प्रभारी एसआई तारण दास डहरिया को दिया। इसके बाद पीएम रिपोर्ट बनाई गई। तिलक ने बताया कि दीपावली के पहले कार्तिक की मौत की मुआवजा राशि उसके खाते में पहुंची। जिसमें से 50 हजार रुपए निकालकर डॉ. सुमन को 20 व 30 हजार रुपए करके दो किस्त में दिया। वहीं थानेदार डहरिया को फिर 5 हजार रुपए दिया। इसके बावजूद दोनों लगातार धमका रहे हैं।
मैंने कोई रकम नहीं ली है
मुझ पर लगा आरोप गलत है। मुझसे कुछ लोगों ने पहले मारपीट की थी, जिसकी मैंने एफआईआर दर्ज कराई थी। वहीं लोग संबंधित युवक को बरगला कर ऐसा बयान दिलवा रहे हैं। मैंने कोई रकम नहीं ली है। मौत की वजह ही पीएम रिपोर्ट में लिखी गई है।
-डॉ. यशपाल सुमन, चिकित्सक
बेवजह फंसाया जा रहा
पूरी शिकायत राजनैतिक ढंग से की गई है। डॉक्टर से कुछ राजनैतिक लोगों का विवाद था, जिन्हें फंसाने के लिए ऐसी हरकत की जा रही है। मुझे भी बेवजह फंसाया जा रहा है। हमने किसी तरह का लेन-देन नहीं किया है।
-तारण दास डहरिया, थाना प्रभारी औंधी
एसडीओपी कर रहे जांच
ग्रामीण ने ऐसी शिकायत की है। शिकायत के आधार पर जांच की जिम्मेदारी मानपुर एसडीओपी को सौंपी गई है। जांच के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
-पुपलेश पात्रे, एएसपी