कोरोनाकाल के डेढ़ वर्षों में 567 शादियों को अनुमति इस बार 6 हजार से ज्यादा होंगी, थानों को सूचना जरूरी

तवरित खबरे

कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। पाबंदियां अब भी बरकरार है। देश के कुछ हिस्सों में पाबंदियां पूरी तरह से हटा ली गई हैं, लेकिन हमारे जिले में अब भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य है। बावजूद इसके इसकी अनदेखी जारी है। इसे देखते हुए प्रशासन ने एक बार फिर गाइडलाइन जारी की है। इसमें स्पष्ट किया है कि शादी-पार्टियों में सिर्फ 200 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति होगी।

इससे अधिक पाए जाने पर संबंधित मैरिज पैलेस, परिवार पर कार्रवाई हो सकती है। इतना ही नहीं शादी की अनुमति भले ही न लें, लेकिन थाने और प्रशासन को आवेदन देकर सूचना देना आवश्यक किया गया है। भास्कर पड़ताल में खुलासा हुआ है कि 20 नवंबर से 31 मार्च तक जिले में 6 हजार से ज्यादा शादियां होने जा रही हैं, जबकि पिछले दो सालों में सिर्फ 500 शादियां हुईं।

पिछले साल शादी हुई, पार्टी अब दे रहे, ऐसे 500 से ज्यादा
पंडित लाखेश्वर पांडेय बताते हैं कि कोरोनाकाल में भी कुछ शादियां हुईं, लोगों ने कोर्ट मैरिज भी की। अब कोरोनाकाल कम होने के बाद वे पुन: शादी कर रहे हैं। पार्टियां आयोजित कर रहे हैं। पंडित संतोष अवस्थी बताते हैं कि 500 ऐसे लोग हैं, जो इस तरह से पार्टियां और दोबारा शादियां करने जा रहे हैं। तैयारी भी कर ली गई है।


एक्टिव केस 33, दुर्ग प्रदेश में दूसरा जिला जहां ज्यादा केस
जिले में कोरोना खत्म नहीं हुआ है। एक्टिव केस प्रदेशभर में दूसरे नंबर पर है। अब भी दुर्ग जिले में कोरोना के एक्टिव केस 33 हैं। रायपुर जिले में एक्टिव केस की संख्या 71 है। दुर्ग जिले में अब तक 96394 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और 1801 कोरोना मरीजों की मौतें भी हो चुकी है। इस प्रकार प्रदेश में दुर्ग में संक्रमित हैं।

कोरोनाकाल के बाद सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हुईं शादियां

  • वर्ष 2019-252 (आयोजन में 10 को ही शामिल होने की अनुमति रही)
  • वर्ष 2020- 315 (पहले 50, फिर 100 व अब 200 तक अनुमति।
  • वर्ष 2021- 711 (लोगों द्वारा अनुमति लिया जाना भी बंद कर दिया गया)
  • नवंबर 2021 से 31 मार्च 2022 तक- 6 हजार से अधिक शादियां तय

(पंडित, मैरिज पैलेस, भवन, सामजिक भवनों से बातचीत के आधार पर)

शादी-पार्टियों के लिए प्रशासन ने तय किया कोरोना प्रोटोकॉल

  • शादी की सूचना थाना क्षेत्र और एसडीएम को देनी होगी
  • बैंडबाजा या डीजे के लिए अनुमति अनिवार्य है
  • बारात निकाल सकते हैं लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क लगाना जरूरी है
  • सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है शादी में सिर्फ 200 लोगों को शामिल होने की अनुमति है
  • मांगलिक भवनों में क्षमता से 50 प्रतिशत ही लोग मौजूद रहेंगे।

सीधी बात- नुपूर राशि पन्ना, एसडीएम

अनुमति जरूरी नहीं लेकिन सूचना देनी होगी, प्रोटोकॉल का पालन करें

सिनेमा हाल, मार्केट सामान्य हो गया है, तो क्या शादी-ब्याह पर पाबंदी हट गई है?
नहीं, शादी-ब्याह के लिए अनुमति लेना जरूरी नहीं है केवल सूचना प्रशासन व थाने को देना जरूरी है।

कितने लोग शादी-समारोह में शामिल हो सकते हैं?
होटल या भवन के कक्ष की क्षमता से 50 प्रतिशत और ज्यादा से ज्यादा 200 लोग।

इस पाबंदी के बाद भी ज्यादा भीड़ को कैसे रोकेंगे?
हमें अपनी जिम्मेदारी खुद समझनी होगी, शिकायत आएगी तो जरूर सख्ती करेंगे।

सड़कों पर डीजे, बैंड बाजा के साथ बारात निकाल सकेंगे?
डीजे और बैंडबाजा के लिए अनुमति लेना जरूरी है।

कुछ जिलों और देश के कुछ हिस्सों में पाबंदियां हटा ली गई हैं, हमारे यहां भी कुछ प्लानिंग है क्या?

हमारे यहां कोरोना के एक्टिव केस हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है। बाकी जैसा शासन का निर्देश होगा, वैसा आगे किया जाएगा।